आसाराम बापू ने कहा- कम बुद्धि वाले बबलू हैं राहुल गांधी
मथुरा में यमुना किनारे आयोजित चार दिवसीय शरद पूर्णिमा ध्यान शिविर में सत्संग के दौरान लोगों को ध्यान, योग और व्यक्तित्व विकास के गुर सिखाते-सिखाते आसाराम बापू राजनीति की ओर चल पड़े। उन्होंने कहा कि जो देश के प्रधानमंत्री पद का दावेदार हो, उसे हर विषय पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए, लेकिन कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव को कोई भी निर्णय लेने के लिए कम से कम आठ दिन का समय लगता है। इस बात की पुष्टि उन्होंने अन्ना हजारे के आंदोलन के दौरान आठवें दिन बोल कर खुद की। ऐसे में वह देश के प्रधानमंत्री पद के बेहतर दावेदार कैसे हो सकते हैं? राहुल गांधी अभी बबलू हैं।
इस बयान को सियासी हलकों में आसाराम बापू के भारतीय जनता पार्टी की तरफ झुकाव के तौर पर देखा जा रहा है। क्योंकि गुजरात सरकार आसाराम बापू के आश्रम में कई आपत्तिजनक वस्तुओं के मिलने के बाद आश्रम पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। ऐसे में कांग्रेस के खिलाफ बयानबाजी से भाजपा खुश हो सकती है और उनके खिलाफ होने वाली कार्रवाईयां रुक सकती हैं।
अभी तक किसी भी राजनीतिक पार्टी ने आसाराम बापू की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दर्ज नहीं करायी है, लेकिन यह निश्चित है कि भाजपा इससे काफी खुश होगी, क्योंकि उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले कांग्रेस के खिलाफ एक-एक बात को भाजपा कैश्ा कराने में जुटी हुई है।













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