यूपी में अब नहीं चलेगा राहुल गांधी का जादू?

Rahul Gandhi
जनता ने उत्‍तर प्रदेश की मुख्‍यमंत्री मायावती का साथ छोड़ना शुरू कर दिया है। इस मौके को भुनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी माया के खिलाफ एक के बाद एक किताब रिलीज़ कर रही है, वहीं समाजवादी पार्टी के युवराज रथ पर सवार होकर पूरे प्रदेश के चक्‍कर लगा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस क्‍या कर रही है? क्‍या कांग्रेस यूपी विधानसभा चुनाव 2012 को लेकर गंभीर नहीं? क्‍या राहुल गांधी ने अभी से हार मान ली है? चार महीने पहले तक आये दिन यूपी के चक्‍कर काट रहे राहुल गांधी अचानक लखनऊ का रास्‍ता कैसे भूल गये? कहीं ऐसा तो नहीं कि राहुल को अभी से हार का अहसास होने लगा है? ऐसा लगने लगा है कि कांग्रेस का यूपी में वही हाल होने वाला है, जो बिहार में हुआ था। यह बात हम नहीं बल्कि जनता खुद कह रही है। पेश है अजय मोहन की रिपोर्ट-

वनइंडिया यूपी विधानसभा को लेकर निरंतर सर्वे करवा रहा है, जिसमें अभी से जनता का गुस्‍सा सामने आने लगा है। यूपी पर करवाये गये पोल में हमने जनता से सवाल किया, "क्‍या यूपी में मायावती की सरकार दोबारा आयेगी?" तो 72 प्रतिशत लोगों ने जवाब दिया कतई नहीं। महज 16 प्रतिशत मानते हैं कि मायावती एक बार फिर सत्‍ता में आ सकती हैं, जबकि 11 प्रतिशत असमंजस में दिखे (क्लिक करें देखें पोल के परिणाम)

मायावती सत्‍ता में नहीं आयेंगी, यह तो जनता ने साफ कह दिया है, लेकिन कांग्रेस का क्‍या होगा, उस पर स्थिति केंद्र सरकार पर कराये गये पोल से स्‍पष्‍ट होती दिखी। 84 प्रतिशत 1206 लोगों में से 84 प्रतिशत लोग कांग्रेस के साथ नहीं हैं, जबकि 10 प्रतिशत मानते हैं कि कांग्रेस ही सही विकल्‍प है। इसमें भी 6 प्रतिशत लोग कांग्रेस को लेकर असमंजस में हैं (क्लिक करें देखें पोल के परिणाम)

खास बात यह है कि अब राहुल गांधी भी यूपी में कांग्रेस की वापसी नहीं करा पायेंगे, क्‍योंकि उनका चार्म भी अब खत्‍म होने लगा है। 52.7 प्रतिशत लोग मानते हैं कि राहुल गांधी में पहले जैसी बात नहीं रही। वहीं 34.4 प्रतिशत लोगों का अब भी राहुल पर पूरा विश्‍वास है, जबकि 12.9 प्रतिशत लोगों में राहुल के प्रति थोड़ा बहुत विश्‍वास बचा है (क्लिक करें देखें पोल के परिणाम)

कांग्रेस के लिए घोटालों के बाद सबसे बड़ा निगेटिव प्‍वाइंट उत्‍तर प्रदेश में भट्ठा परसौल मामले में एकाएक बैकफुट पर चले जाना भी है। इससे यूपी में कांग्रेस के प्रति जो विश्‍वास बना था, वो सब खत्‍म हो गया। हमने अपने पाठकों से पूछा कि भट्ठा परसौल के किसानों पर बसपा गंभीर है या कांग्रेस, तो 33.3 प्रतिशत ने कांग्रेस का नाम लिया, वहीं बसपा की तरफ महज 10.9 प्रतिशत लोग दिखे। हालांकि 55.7 प्रतिशत लोग किसी की तरफ नहीं थे (क्लिक करें देखें पोल के परिणाम)

किसी की तरफ नहीं होना तो अलग बात है, लेकिन राहुल गांधी की वजह से लोगों में एक विश्‍वास आया था कि कांग्रेस यूपी में सत्‍ता जरूर हांसिल करेगी। 53.8 प्रतिशत लोगों ने कहा कि राहुल की वजह से यूपी में कांग्रेस की नींव मजबूत हो रही है, जबकि 23.1 प्रतिशत लोगों ने नींव के कमजोर पड़ने की बात कही (क्लिक करें देखें पोल के परिणाम)

खैर कुछ भी हो भट्ठा परसौल में राहुल गांधी के रवैये से लोगों का विश्‍वास उठ गया। लोग अब मानने लगे हैं कि राहुल गांधी सिर्फ वोट बैंक की राजनीति करते हैं। हमारे एक सवाल पर 68.1 प्रतिशत लोगों ने कहा कि राहुल गांधी सिर्फ वोट की राजनीति जानते हैं। महत 26.2 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वो गरीबों के हमदर्द हैं (क्लिक करें देखें पोल के परिणाम)

जनता के इन रुझानों से यह साफ हो गया कि अगर बसपा सत्‍ता में नहीं आयी तो कांग्रेस का आना भी मुश्किल है। यूपी वालों पर जादू चलाने के लिए राहुल गांधी के पास महज पांच महीने हैं, अगर कांग्रेस को यूपी में आना है, तो ठोस नीति के साथ आगे बढ़ना होगा।

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