4 मंत्री व आईएएस अधिकारी भी फंस सकते हैं लोकायुक्त जांच में

उपरोक्त पर मंत्रियों के खिलाफ लोकायुक्त एन.के. मेहरोत्रा के खिलाफ जांच पहुंच चुकी है। मंत्रियों पर लगाए भ्रष्टiाचार व पद के दुरपयोग के आरोपों के बाद प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। लोकायुक्त की जांच में यदि यह चार मंत्री मंत्री दोषी पाए गये माया सरकार पर लगने वाले भ्रष्टाचार के आरोपों को और बल मिलेगा। हालांकि इस बार कुछ आईएएस अफसर भी निशाने पर आ सकते हैं उनमें से सबसे बड़ा नाम है नवनीत सहगल का जो सचिव ऊर्जा के पद पर हैं तथा मायावती के करीबी अधिकारियों में उनका काफी ऊपर आता है।
लोकायुक्त एन.के. मेहरोत्रा के अनुसार मंत्रियों के खिलाफ जो भी शिकायतें की गयीं है वह शपथ पत्र के साथ की गयी हैं अत: उनकी प्रारम्भिक जांच करनी ही होगी। दूसरी ओर न्यायमूर्ति श्री मेहरोत्रा फिलहाल संस्कृति मंत्री सुभाष पाण्डेय व उद्यानमंत्री नारायण सिंह की जांच कर ही है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि जल्द ही जांच के परिणाम सामने आ जाएंगे। उधर बसपा पर भाजपा द्वारा किए जा रहे हमलों से पार्टी में खासी बेचैनी है। मायावती की ओर से भले ही कोई प्रतिक्रिया नहीं दर्ज करायी गयी लेकिन माया सरकार के मंत्री काफी परेशान हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री राकेशधर त्रिपाठी पर आजमगढ़ के लालता प्रसाद ने मान्यता देने में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया। चिकित्सा शिक्षा मंत्री लालजी वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने चिकित्सालयों में होने निर्माण व नियुक्तियों में पक्षपात किया तथा अपने हितों को साधने का प्रयास किया। यह आरोप लखीमपुर खीरी निवासी राम निवास दीक्षित ने लगाए हैं।
जबकि ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के खिलाफ तो भाजपा ने मोर्चा खोला है जिसके तहत भाजपा नेता किरीट सोमैया व अधिवक्ता विनय शाही ने श्री उपाध्याय पर आरोप लगाया कि बिजली खरीद में अनियमितता बरती गयी। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि बिजली खरीद में ऊर्जा मंत्री से अधिक सचिव ऊर्जा नवनीत सहगल की भूमिका रही है। ज्ञात हो कि बिजली खरीद के लिए जिन कम्पनियों से ऊंची दरों पर अनुबंध का अरोप है उनका प्रस्ताव शक्ति भवन के अभियंताओं द्वारा तैयार किया गया तथा निदेशक वित्त एसके अग्रवाल व चेयरमैन नवनीत सहगल ने उसे अन्तिम रूप दिया था। इसके बाद ही यह अनुबंध किया गया है।
यदि मामले की उचित प्रकार जांच हो गयी तो श्री सहगल व एसके अग्रवाल भी इसमें फंस सकते हैं। उधर राज्यमंत्री रतनलाल अहिरवार पर झांसी के कमलापति राय ने आरोप लगाया कि उन्होंने विधायक निधि का दुरपयोग किया तथा बुंदेलखण्ड विकास निधि में गोरखध्ंाधा कर अकूल सम्पत्ति बना ली। इस प्रकार मंत्रियों के खिलाफ बढ़ रही शिकायतों व जांच के बाद उनके शामिल होने के पुख्ता सबूतों से माया सरकार की काफी किरकिरी हो रही है।












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