संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने महिला शांति पुरस्कार विजेताओं को सराहा

बान ने इन्हें असाधारण साहस शक्ति एवं प्रतिबद्धता वाली तीन प्रेरणादायक महिलाएं कहा है। उन्होंने कहा कि नार्वे की नोबेल समिति ने इन्हें पुरस्कार देकर स्पष्ट संदेश दिया है कि शांति स्थापना के लिए महिलाओ की अहमियत है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार इस बात का प्रमाण है कि यह लोग आर्थिक कारक, राजनीतिक कार्यकर्ता, स्थानीय और वैश्विक नेतृत्व के क्षेत्रो में काफी तेजी से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
लाइबेरिया की राष्ट्रपति एलेन जोहान्सन सरलीफ, लाइबेरिया में शांति के लिये काम करने वाली कार्यकर्ता लेयमाह बोवी और यमन की तवाक्कुल कारमैन को महिला अधिकारों पर उनके काम के लिये आज वर्ष 2011 के नोबल शांति पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की है। जोहान्सन, बोवी, कारमैन को मिला नोबेल शांति पुरस्कार नार्वे की नोबेल समिति ने तीन महिलाओं को महिलाओं की सुरक्षा और शांति संबंधी काम में पूर्ण भागीदारी के लिये उनके अंहिसक संघर्ष हेतु इस पुरस्कार से सम्मानित किया हैं। जोहान्सन (72) हावर्ड में प्रशिक्षित अर्थशास्त्री हैं जो वर्ष 2005 में अफ्रीका की पहली लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई राष्ट्रपति बनी थी। वे इसी महीने राष्ट्रपति चुनाव का सामना करने वाली है।












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