दिल्ली: ओबीसी सीट को जनरल सीट बनाने का आदेश

उन्होंने कहा कि सीटों की बर्बादी न सिर्फ सरकारी खजाने की कीमत पर है बल्कि कई आकांक्षी छात्रों को वंचित करने की कीमत पर है जो प्रतिष्ठित संस्थानों और डीयू जैसे विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए संघर्ष कर रहे हैं क्योंकि यह अनेक लोगों का सपना है। न्यायमूर्ति गंभीर ने 50 ओबीसी सीटों को सामान्य श्रेणी में तब्दील करने और नोटिस बोर्ड तथा वेबसाइट के जरिए अधिसूचित कर सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए विशेष काउंसलिंग सत्र आयोजित करने का निर्देश दिया।
यह सीटें दाखिले की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद खाली हैं। इस बारे में छात्रों को जागरूक बनाने के लिए व्यापक प्रचार करने के लिए विधि संकाय को निर्देश देते हुए अदालत ने कहा, नोटिस के जरिए विशेष काउंसलिंग में हिस्सा लेने के लिए उम्मीदवारों को बुलाने के लिए कम से कम सात दिन का वक्त दिया जाना चाहिए। अदालत ने विश्वविद्यालय की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि सत्र अगस्त से पहले ही शुरू हो चुका है और इस चरण में छात्रों को अगर दाखिला दिया गया तो उन्हें परेशानी होगी। अदालत ने कहा, विधि संकाय को ऐसे छात्रों के लिए विशेष कक्षा का प्रबंध करना चाहिए ताकि वे पहले सेमेस्टर की परीक्षा में हिस्सा लेने के लिए पाठ्यक्रम को पूरा कर सकें।












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