संजीव भट्ट की गिरफ्तारी गलत : अन्ना हजारे

जिसके बाद से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस कर्मचारी के.डी.पंत ने भट्ट पर आरोप लगाया था कि भट्ट ने उन्हें धमकी देते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मुख्यमंत्री निवास पर 27 फरवरी 2002 को बुलाई गई बैठक में उपस्थिति को लेकर जबरन शपथपत्र तैयार करवाया था।
गौरतलब है कि मंगलवार को अपने गांव रालेगण सिद्धि में प्रेस वार्ता करके कांग्रेस को खुली चुनौती देकर कहा है कि अगर शीतकालीन सत्र में जनलोकपाल बिल पास नहीं होता है तो जनता से कहेगें कि वो कांग्रेस को वोट ना दें। वो उन जगहों का दौरा करेगें जहां पर चुनाव होने वाले हैं। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि वो किसी पार्टी का समर्थन नहीं कर रहे हैं। बल्कि वो भ्रष्ट तंत्र के विरोधी है।












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