अन्‍ना अनशन में युवक की मौत में कुछ भी संदिग्ध नहीं: दिल्‍ली पुलिस

No foul play in youth’s death during Anna Hazare’s fast: Delhi Police
दिल्ली। पुलिस ने आज एक अदालत को बताया कि उस 21 वर्षीय युवक की मौत के मामले में कुछ भी संदिग्ध नहीं है जो रामलीला मैदान में अन्ना हजारे के अनशन के दौरान बेहोश पाया गया था। उसे नजदीक के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां अगले दिन उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने कहा कि हजारे के अनशन के दौरान युवक की मौत में कुछ भी संदिग्ध नहीं पुलिस ने मेटोपालिटन मजिस्‍ट्रेट त्यागिता सिंह के समक्ष अपनी जांच से संबंधित दूसरी स्टेटस रिपोर्ट में यह बात कही।

पुलिस ने यह जांच हरियाणा निवासी सतबीर सिंह की शिकायत पर की जिसने आरोप लगाया था कि हजारे और उनकी टीम ने रामलीला मैदान में 16 से 29 अगस्त तक चले 13 दिन के भ्रष्टाचार विरोधी अनशन के दौरान लोगों को सरकार के खिलाफ भड़काया। सिंह ने एक समाचार रिपोर्ट के हवाले से अदालत से यह भी कहा था कि 21 वर्षीय युवक संदीप ने हजारे के अनशन में भाग लिया और निमोनिया के चलते उसकी मौत हो गई। इसके लिए उसने टीम अन्ना को जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने अदालत के 19 सितंबर के आदेश के अनुपालन में अपनी दूसरी स्टेटस रिपोर्ट दायर की। इसमें कहा गया है कि मृतक के परिवार के सदस्यों के बयान लिए गए है।

उन्होंने मौत को लेकर कोई संदेह जाहिर नहीं किया। उसकी मौत में कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया है। कमला मार्केट पुलिस थाना प्रभारी ने स्टेटस रिपोर्ट में कहा कि संदीप को अन्ना हजारे के अनशन स्थल रामलीला मैदान से लाया गया और 23 अगस्त को बेहोशी की हालत में उसे एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने कहा कि संदीप की अगले दिन इलाज के दौरान मौत हो गई और उसके परिजनों को इस बारे में सूचित कर दिया गया।

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