बच्चों को अपमानित किया तो टीचरों की खैर नहीं

CBSE: The teacher would be punished if child humiliated
नई दिल्ली। स्कूलों में बच्चों के साथ प्रताड़ना पर सीबीएसई और सख्त हो गया है। क्लास में शिक्षक ने यदि बच्चे को स्टूपेड भी कहा तो यह भी सजा माना जाएगा। पिछले दिनों सीबीएसई ने नया फरमान जारी किया है। जिसमें बच्चे का क्लास में नीचा दिखाना, उसके लिए अपमान जनक भाषा का प्रयोग करने पर भी अध्यापकों को दंडित किया जा सकता है।

स्कूलों में आए दिन पिटाई से छात्रों के घायल होने की घटनाएं आए दिन सुनने को मिल रही थी। होमवर्क पूरा न होने अथवा किसी अन्य गलती पर शिक्षक सजा के देने के नाम पर हिंसा पर उतर आते हैं। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सचिव सीबीएसई बोर्ड ने चार दिन पहले सभी स्कूलों को सर्कुलर जारी किया है। जिसमें बच्चों को किसी भी तरह के सजा न देने की हिदायत दी गई है।

सर्कुलर में कहा गया था कि छात्रों को कान पकड़कर उमेठना, क्लास में सजा के तौर पर देर तक खड़ा करना, बच्चों को क्लास से बाहर निकालना आदि सजा न देने की हिदायत दी थी। लेकिन कई बार देखा गया है कि शिक्षक क्लास में स्टूडेंट के लिए अपमान जनक भाषा का प्रयोग करते थे या फिर उन्हें डफर मूर्ख आदि शब्दों का प्रयोग कर क्लास में नीचा दिखाते थे। इसका गहरा असर बच्चों की मानसिकता पर पड़ता है।

स्कूलों में मिलने वाली प्रताड़नाओं से बच्चे डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। वहीं ज्यादातर बच्चे डर के मारे स्कूल आने से कतराते हैं। शिक्षकों के इसी रवैये पर लगाम कसने के लिए सीबीएसई ने नया सर्कुलर जारी किया गया। जिसमें डांटना फटकारना भी पनिश्मेंट के दायरे में आता है। सर्कुलर में स्कूलों को साफ निर्देश दिया गया है कि बच्चों को किसी भी तरह से प्रताड़ित किए जाने की शिकायत मिलने पर स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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