नये जिलों का गठन राजनीतिक पैंतरेबाजी: अजित सिंह

Rashtriya Lok Dal chief Ajit Singh
लखनऊ। मुख्यमंत्री मायावती ने प्रदेश में नये जिलों का गठन क्या किया राजनीतिक दल अपने नफे नुकसान के आंकलन में जुट गए हैं। पार्टियां नये जिलों के जातिय समीकरण तय करने में जुट गयी हैं। ज्ञात हो कि प्रबुद्धनगर जहां जाट और मुस्लिम काफी सख्या में हैं जबकि मायावती कुछ दिन पूर्व ही जाटों व मुस्लिमों को आरक्षण दिए जाने की मांग कर चुकी हैं। शायद मायावती ने भी जाति समीकरण के आधार पर ही जिलों का गठन किया है। इसी कारण विपक्षी भी जिलों में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गए हैं।

राष्ट्रीय लोक दल अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने सुश्री मायावती के इस कदम को राजनीतिक पैंतरेबाजी करार देते हुए कहा कि मात्र दो तहसीलों कैराना और शामली को मिलाकर एक जिला बनाया जाना उचित नहीं है। उनका कहना हैं कि मुख्यमंत्री ने जाटों को आरक्षण देने के संबंध केन्द्र सरकार को जो पत्र लिखा है वह भी चुनावी स्टंट है। अजित सिंह का कहना है कि मायावती के इस कदम का उनकी पार्टी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जो वोट रालोद का है वह किसी भी सूरत में किसी अन्य पार्टी के पक्ष में मतदान नहीं करेगा।

अजित सिंह ने कहा कि राज्य की जनता बहुजन समाज पार्टी के कुशासन से त्रस्त आ चुकी है और जनता अब सरकार को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है तथा वह जल्द से जल्द इससे मुक्ति पाना चाहती है। उन्‍होंने ने कहा रालोद भी चाहती हैं कि प्रदेश में छोटे जिले बनाए जाएं लेकिन इस प्रकार दो तहसीलों को मिलाकर एक जिला बना देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी पहले भी छोटे राज्य एवं जनपद बनाये जाने की वकालत कर चुकी है लेकिन वह भी जनसंख्या व क्षेत्रफल को देखकर तय किया जाना सिर्फ जाति के आधार पर ऐसा निर्णय लेना उचित नहीं है।

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