आडवाणी की रथयात्रा बनी बीजेपी की जनचेतना यात्रा

दरअसल इस समय पार्टी में सबसे बड़ी लड़ाई आने वाले लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री की कुर्सी को लेकर है। नरेंद्र मोदी खुद को पीएम इन वेटिंग के लिए पेश कर चुके हैं। आडवाणी द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ रथयात्रा के ऐलान के बाद यह साफ हो गया था कि वे भी खुद को पीएम इन वेटिंग के तौर पर पेश कर रहे हैं। जिसके बाद नरेंद्र मोदी ने आडवाणी की इस रथयात्रा से किनारा कर लिया था। पहले यह रथयात्रा गुजरात से शुरू होनी थी लेकिन मोदी के विरोध की वजह से इसे बिहार के पटना से शुरू किया जा रहा है।
अगर आडवाणी की इस रथयात्रा के प्रोग्राम की बात करें तो यह 11 अक्टूबर को बिहार की राजधानी पटना से शुरू होकर 20 नवंबर को दिल्ली में खत्म होगी। इस दौरान रथयात्रा 18 राज्यों से होकर गुजरेगी। जिसमें 3 केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल हैं। इस रथयात्रा को हरी झंडी जनतादल युनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव देंगे। इसके अलावा इस रथयात्रा के मुख्य संयोजक अनंत कुमार होंगे। अब देखना है कि आडवाणी की यह रथयात्रा उनकी पहली रथयात्रा कितना कमाल दिखा पाती है।












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