वेदपाल हत्याकांड में 12 दोषी करार, 29 को सुनाई जाएगी सजा

गांव मटौर (कैथल) निवासी मृतक वेदपाल के भाई कर्मबीर ने 23 जुलाई 2009 को नरवाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसका भाई वेदपालपड़ोसी गांव सिंगवाल में निजी क्लीनिक चलाता था। इसी दौरान वेदपाल का गांव सिंगवाल निवासी सोनिया से प्यार हो गया। दोनों के प्यार की भनक लगने पर सोनिया के परिजनों ने उसका रिश्ता कहीं और तय कर दिया। नौ मार्च 2009 को वेदपाल तथा सोनिया घर से फरार हो गए और चंडीगढ़ आर्य समाज मंदिर में शादी रचाकर हाईकोर्ट में पेश होकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
पंचायत चौधरियों के दबाव के चलते दोनों 21 जून को अलग-अलग हो गए थे। बाद में सोनिया का रिश्ता फिर से दूसरी जगह तय कर दिया। 21 जुलाई 2009 को वेदपाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी पत्नी को वापस दिलाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने सूरजभान को वारंट आफिसर नियुक्त कर 22 जुलाई रात को पुलिसबल के साथ सोनिया को लेने के लिए गांव सिंगवाल भेजा था। वेदपाल के गांव पहुंचने की भनक लगने पर ग्रामीणों ने उस पर हमला कर दिया और पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। जिसमें वारंट आफिसर सहित आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
पुलिस ने मृतक वेदपाल के भाई की शिकायत पर सोनिया के पिता धनराज, मां धनपति, भनवाला खाप के प्रधान रामदिया, पूर्व पंचायत समिति सदस्य धर्मपाल, पूर्व पंच रणधीर, मियासिंह, शमशेर, महेंद्र, राजेश, रामकुमार, रामेहर, कृष्ण, गांव करोड़ा कैथल निवासी एवं अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवनजीत भनवाला के खिलाफ हत्या, सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था। तभी से मामला विचारधीन था। शनिवार को अतिरिक्त एवं जिला सत्र न्यायाधीश आरएन की भारती अदालत ने डा. पवनजीत भनवाला को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। जबकि शेष 12 लोगों को दोषी करार दिया गया है। दोषियों को सजा 29 सितंबर को सुनाई जाएगी।












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