चिदम्बरम इस्तीफा दें और उन्हें जेल भेजा जाय : कल्याण

कल्याण ने कहा कि विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी के सचिवालय की ओर से प्रधानमंत्री को भेजे पत्र से साफ हो गया कि पी. चिदम्बरम भी टूजी के लाभ पाने वालों में शामिल हैं। उस कालेधन में जिसने भी हिस्सा लिया वह उसे घोटाले में शामिल ही माना जाएगा। उन्होंने बताया कि श्री मुखर्जी के सचिवालय ने साफ लिखा है कि यदि चिदम्बरम चाहते तो स्पेक्ट्रम की नीलामी न होती तथा तथा सरकार को एक बड़ा घाटा न उठाना पड़ता। उन्होंने ऐसा नहीं किया तथा दूरसंचार कंपनियों को फायदा पहुंचाया।
कल्याण सिंह ने कहा कि केन्द्रीय जांच ब्यूरो और कांग्रेस के कुछ बड़े नेता चिदम्बरम को बचाने में लगे हैं। सीबीआई को तो उच्चतम न्यायालय ने फटकार भी लगायी है। उन्होंने कहा कि चिदम्बर का नाम घोटाले में पहले ही आ गया था लेकिन सबूतों के आभाव में जांच एजेंसियों ने कुछ नहीं बोला था।
प्रणब मुखर्जी के सचिवालय से जारी पत्र के लीक हो जाने के बारे में श्री सिंह ने कहा कि यह विचारनीय प्रश्न है कि सरकार के गोपनीय दस्तावेज लीक हो रहे हैं। कल्याण ङ्क्षसह ने बहुजन समाज पार्टी व समाजवादी पार्टी को एक ही सिक्के के दो पहलू बताया। श्री सिंह ने कहा कि दोनों दल के प्रमुख पर आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा उच्चतम न्यायालय में चल रहा है।
उनका कहना है कि मायावती व मुलायम ङ्क्षसह यादव पर लगाए गऐ अकूल संस्कृति के आरोप गलत नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधान सभा चुनाव में दोनों दलों को उनकी हैसियत का अंदाजा हो जाएगा। कल्याण ने कहा कि विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी किसी भी दल के साथ कोई समझौता या सीटों का तालमेल नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि जनक्रांति कोई बड़ा दावा नहीं करना चाहती लेकिन उनकी पार्टी अन्य दलों के समीकरण अवश्य बिगाड़ देगी। उन्होंने कहा कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में चालीस सीटों तक सिमट जायेगी। श्री ङ्क्षसह ने आगामी 11 अक्टूबर को शुरू हो रहे लालकृष्ण आडवाणी की भ्रष्टाचार के खिलाफ रथ यात्रा को राजनीतिक नौटंकी करार दिया।












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