पश्चाताप करने वाला दोषी नहीं होता : अन्ना हजारे
लेकिन आलोचनाओं के घेरे और जगहंसायी होने के बाद मनीष तिवारी ने सामूहिक रूप से माफी मांगी थी। लेकिन 8 सिंतबर को अन्ना हजारे के वकील मिलिंद पवार ने मनीष तिवारी को मानहानी का नोटिस भेजकर इस प्रकरण को फिर से ताजा कर दिया था। जिसके जवाब में मनीष तिवारी ने लिखित रूप से अन्ना हजारे को अपना माफीनामा भेजा जिस पर अन्ना ने कहा कि पश्चाताप से बड़ा कोई प्रायश्चित नहीं होता है इसलिए मनीष तिवारी को मैं माफ करता हूं।
आपको बता दें कि अन्ना हजारे को भेजे गये लिखित माफीनामें में मनीष तिवारी ने लिखा है कि वह इस मामले में पहले भी 25 अगस्त को माफी मांग चुके हैं। मनीष तिवारी के इस संदेश की एक प्रति अन्ना के वकील पवार ने बुधवार को जारी किया है।
माफीनामे में मनीष ने लिखा है कि उनकी बातों से अन्ना हजारे को दुख पहुंचा जिसका उन्हें बहुत अफसोस है। अन्ना उनसे उम्र में काफी बड़े हैं, इसलिए मुझे छोटा भाई समझ कर मेरी गलतियों और मेरी अभद्रता को क्षमा कर दें। और वो उम्मीद करते हैं कि की मेरे लिखित माफीनामे पढ़कर वो मामले को और आगे नहीं बढ़ायेगें।













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