भाजपा ने कहा आरक्षण पर नौटंकी कर रही हैं मायावती

पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं विधान परिषद सदस्य दीक्षित ने पूर्व की हकीकत उजागर करते हुए कहा कि जाटों को आरक्षण देने का काम स्व. राम प्रकाश गुप्त के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पहले ही कर चुकी है। अब जाटों को आरक्षण दिए जाने के लिए पत्र लिखना नौटंकी से अधिक कुछ और नहीं है। जबकि अति दलितों को आरक्षण की गारण्टी देने का कानून राजनाथ सिंह सरकार ने वर्ष 2002 में बनाया गया था। अति पिछडों को आरक्षण के लिए राजनाथ सिंह के समय में कई कानूनी प्राविधान किए गये। जिसमें लगभग 33 मुस्लिम जातियां शामिल की गयी थीं।
दीक्षित ने कहा कि बसपा सरकार अपने कर्मो के कारण लगातार अलोकप्रिय होती जा रही है जिससे बचने के लिए बसपा इस प्रकार के चुनावी हथकंडे अपना रही है। दीक्षित ने कहा कि बसपा आगामी चुनावी को देखते हुए घबराई हुई है इसीलिए विभिन्न वर्गो के आरक्षण का शिगूफा शुरु किया है। उनहोंने मुख्यमंत्री से सवाल पूछा कि केन्द्र की कांग्रेसी सरकार को लगातार समर्थन देने वाली बसपा ने आखिरकार अब तक इन्ही मुद्दों पर केन्द्र से बात क्यों नही की।
केन्द्र का समर्थक दल होने के बावजूद उसने केन्द्र पर पहले दबाव क्यों नही बनाया। चिठ्ठी लिखने की इच्छा विधानसभा चुनाव के छह सात माह पहले ही क्यों जाग्रत हुई। दीक्षित ने कहा कि मायावती को सभी वर्गों की याद विधान सभा चुनाव से पहले ही आ गयी है। दीक्षित ने मायावती के सामने कई प्रश्न रखे जिनका जवाब देना शायन उनके लिए मुश्किल हो। उन्होनें पूछा कि आखिर मुस्लिमों की पैरोकारी अब चुनावों के समय ही करने का कारण क्या है। जाट आरक्षण की पैरवी पहले क्यों नही की गई।
उन्होंने कहा कि भाजपा गरीब सवर्णो को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की पक्षधर रही है। मुख्यमंत्री चिठ्ठी लिखने के बजाए स्वयं पहल करें ताकि सभी को उनकी निष्ठा का पता चल सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इससे संबंधित विधेयक लाएं तो भाजपा समर्थन करेगी। दीक्षित ने कहा कि बसपा सरकार ने अपने साढे चार वर्ष के शासन में गरीब सवर्णो व अति पिछडों का उत्पीडन कराया है और अब इन वर्गों को आरक्षण देने की बात याद आ रही है। बसपा सरकार का मुख्य एजेण्डा भ्रष्टाचार है, वह किसी भी वर्ग की समर्थक नही है।












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