प्रशांत भूषण ने नोटिस पर जवाब दिया कम सुनाया ज्यादा

भूषण ने कहा है कि यह बयान सिर्फ उन लोगों के खिलाफ है जो ऐसा करते हैं। नोटिस का जवाब देते हुए उन्होंने फिर याद दिलाया है कि हाल के दिनों में सांसदों और विधायकों का आचरण बहुत मर्यादित नहीं रहा है। सदस्य कई बार एक-दूसरे पर हमला करते हैं। सदन के भीतर माइक और यहां तक कि कई बार कुर्सियां फेंक देते हैं। ऐसे भी उदाहरण हैं जब सांसदों ने संसद में सवाल पूछने के लिए पैसे लिए। सरकार बचाने के लिए पैसे लिए गए यह सदन में बार बार इसका मामला उठा है। स्टिंग आपरेशनों ने भी इसकी पोल खोली है।
ऐसे में यह हर नागरिक का अधिकार है कि वह इस स्थिति का आकलन करे। भूषण के मुताबिक संविधान ने जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी है, संसद का विशेषाधिकार भी इस पर रोक नहीं लगा सकता। उन्होंने दावा किया है कि संसद का विशेषाधिकार हनन तब होता है जब सांसद संसदीय कार्यवाही को बाधित करते हैं या फिर जब वे रिश्वत लेते हैं। अगर कोई नागरिक सांसद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करता भी है तो उसके खिलाफ संसद के विशेषाधिकार का हनन नहीं होता।












Click it and Unblock the Notifications