आडवाणी से पहले अखिलेश यादव की 'क्रांति रथ यात्रा'
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा की नींव मजबूत करने के लिए लाल कृष्ण आडवाणी ने रथ यात्रा करने का ऐलान किया। इस ऐलान पर लोगों को लगा कि उन्होंने फिर अपना पुराना फंडा निकाला है, लेकिन सही मायने में देखें तो उनकी रथयात्रा समाजवादी पार्टी के युवराज अखिलेश यादव की क्रांति रथयात्रा के जवाब में होगा। जी हां सपा के प्रदेश अध्यक्ष राज्य के प्रत्येक जिले में रथ यात्रा निकालने जा रहे हैं।
पहले दो चरणों की रथयात्रा लखनऊ से शुरू होगी उसी की सफलता के आधार पर पार्टी आगे का मार्ग तय करेगी। वनइंडिया से बातचीत में समाजवादी छात्रसभा के लखनऊ नगर अध्यक्ष ने बताया कि यह यात्रा विभिन्न चरणों में निकाली जायेगी, जिसमें पहला चरण 12 सितम्बर से शुरू होगा। इस चरण में 12 को अखिलेश यादव का रथ लखनऊ से चलेगा और उन्नाव होते हुए कानपुर जाएगा। एक दिन कानपुर में बिताने के बाद हरदोई और उन्नाव की सीमा पर लगे बांगरमऊ और फिर मोहान होते हुए लखनऊ आ जायेगा। दूसरे चरण की यात्रा 19, 20 और 21 सितम्बर को लखनऊ से हरदोई, मलिहाबाद होते लखनऊ तक आयोजित की जाएगी।
चांद मियां के मुताबिक इस यात्रा में खास तौर से नौजवानों को फोकस किया जायेगा। सपा के कार्यकर्ता रास्ते में युवाओं को समाजवादी पार्टी की पिछली उपलब्धियों के बारे में बतायेंगे और मायावती के भ्रष्ट शासन के प्रति लोगों को जागरूरक करेंगे। इस यात्रा में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने जा रहे लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष पवन पांडेय ने बताया कि इस क्रांतियात्रा के माध्यम से मायावती के भ्रष्टाचार को लोगों के सामने लाने का काम किया जायेगा। पवन पांडेय इस साल फैजाबाद की अयोध्या सीट से चुनाव विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।












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