चढ़ावे का पैसा जेब में, हटाया गया पुजारी

निलंबित किए गए कर्मचारियों में सेवादार कृष्णा देवी, अरुण कुमार सहायक पुजारी, धर्मनारायण हेल्पर पुजारी, लाजपतराय चौकीदार व राजेश कुमार सेवादार शामिल हैं। इनके अलावा चेकमेट कंपनी के माध्यम से आउटसोर्सिंग के तहत लगाए गए हेल्पर पुजारी को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया गया है। कंपनी को निर्देश दिए गए हैं कि उसे किसी भी हालत में पुन: मंदिर में न लगाया जाए। आदेशों में कहा गया है कि इन कर्मचारियों को निलंबन अवधि के दौरान किसी प्रकार का वेतन या भत्ता नहीं दिया जाएगा।
मंदिर में चढ़ाई गई धनराशि की हेराफेरी का मामला मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे से पकड़ में आया है। श्री माता शीतला देवी पूजा स्थल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी केके गुप्ता के अनुसार दिल्ली के एक श्रद्धालु ने एक सितंबर को उन्हें दूरभाष पर सूचित किया कि वह 21 अगस्त को शीतला माता मंदिर में दर्शन व पूजा-पाठ के लिए आया था। पूजा-पाठ के पश्चात उसने मुख्य भवन में पिंडी पर नोटों की गड्डी मन्नत के अनुसार चढ़ाई, जिसे कुछ समय बाद मंदिर के किसी कर्मचारी ने उठा कर अपने पास रख लिया।
यह बात पूजा स्थल बोर्ड के मुख्य प्रशासक व उपायुक्त के ध्यान में लाई गई। मुख्य प्रशासक के आदेश पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी केके गुप्ता ने कार्यालय सहायक व लेखाकार के साथ मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग देखी और शिकायत को सही पाया। वीडियो फुटेज की रिकार्डिंग सुरक्षित रख मंदिर प्रशासन की ओर से मुख्य प्रशासक व उपायुक्त को अवगत करवाया गया।
उपायुक्त ने भी मंदिर के अन्य कर्मचारियों के साथ छह सितंबर को वीडियो फुटेज का निरीक्षण किया। इसमें पाया गया कि श्रद्धालु द्वारा बताए गए समय के दौरान कृष्णा देवी सेवादार, पुजारी अरुण, हेल्फर पुजारी हनुमत, हेल्फर पुजारी धर्मनारायण, चौकीदार लाजपत राय व राजेश कुमार सेवादार मंदिर के मुख्य भवन में उपस्थित थे। वीडियो फुटेज के अनुसार नोटों की गड्डी को सेवादार कृष्णा देवी ने उठाया है। जब उससे इस बारे में पूछा गया तो उसने गड्डी उठाने की बात को सबके सामने स्वीकार किया और बताया कि उसने गड्डी उठा कर राजेश सेवादार को दानपात्र में डालने के लिए दी थी। लेकिन वीडियो फुटेज से दानपत्र में डालने की बात सही नहीं पाई गई।












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