महज खानापूर्ति है उत्तर प्रदेश में हाई एलर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर बम विस्फोट हुआ तो देश में हाई एलर्ट घोषित किया गया है। प्रदेश सरकार के अनौपचारिक प्रवक्ता डीजी बृजलाल ने प्रदेश में हाई एलर्ट की घोषणा कर दी। श्री बृजलाल ने तो सरकारी बयान देकर जनता को आश्वासन देने की कोशिश की कि वह चैन से सो सकती है लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल परे है। राज्य की लापरवाह पुलिस सिर्फ नाम की सतर्क है। प्रदेश की राजधानी के सार्वजनिक स्थलों की बात करें तो अधिकांश जगहों पर पुलिस नदारद ही रहती है। शाहनजफ रोड स्थित सहारागंज मॉल जहां प्रतिदिन करीब दस हजार तक लोग आते-जाते हैं वहां पर पुलिस चौकसी की कोई व्यवस्था नहीं है।
मुख्य गेट के बाहर एक अवैध पार्किंग जिसकी संरक्षक स्वयं पुलिस बनी हुई। कोई भी व्यक्ति किसी भी वक्त अपना वाहन खड़ा सकता है वाहनों की जांच पड़ताल की कोई व्यवस्था नहीं। आगे बढ़े तो गोमती नगर के मॉल के हालत भी ऐसे ही हैं। वाहनों की लम्बी कतारें सड़क पर खड़ी रहती हैं मॉल की पार्किंग में भी किसी प्रकार की जांच नहीं होती। इसी प्रकार गोमती नगर के दूसरे मॉल में भी यही तस्वती देखी जा सकती है। दूसरी ओर नजर दौड़ाएं तो आलमबाग के मॉल के बाहर भी वाहन खड़े होते हैं वहां भी जांच का कोई बंदोबस्त नहीं है। इसके अतिरिक्त सिनेमा घरों में तो वाहनों की पूछ ही नहीं।
लखनऊ हाई कोर्ट को देखें तो वहां भी वाहनों की जांच पड़ता नहीं हो रही है। पुलिस कर्मी चौराहे पर खड़े चाय की चुस्कियों का मचा लेते दिखायी देते हैं। जब भी चेकिंग शुरू होती है तो पुलिस वाले अपनी जेबें भरने में जुट जाते है। यह सबकुछ ऐसे समय में हो रहा है जब आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए आतंकवादी वाहनों का प्रयोग कर रहे हैं। ज्ञात हो कि तीन वर्ष पूर्व राजधानी हाई कोर्ट के बाहर बम विस्फोट हुआ था उस वक्त भी आतंकियों ने दो पहिया वाहन का प्रयोग किया था।












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