खुलासे नहीं सिर्फ स्‍केच बनाने में माहिर है दिल्‍ली पुलिस

Delhi Police only released sketches
दिल्‍ली। काफी स्‍मार्ट और तेज तर्रार कही जाने वाली दिल्‍ली पुलिस को सनसनीखेज वारदात के बाद आरोपियों के स्‍केच जारी करने में महारथ हासिल है। घटना के प्रारंभिक जांच के बाद दिल्‍ली की स्‍मार्ट पुलिस फौरन स्‍केच बनाती है और उसे सार्वजनिक कर देती है। मगर विडंबना तो देखिए कि स्‍केच के आधार पर आजतक कोई भी अपराधी पकड़ा नहीं गया है। पुलिस ने हाईकोर्ट के बाहर हुए बम ब्‍लास्‍ट के बाद एक बार फिर दो आतंकवादियों के स्‍केच जारी किये। मगर पिछले अनुभवों को देखते हुए लगता है कि शायद इससे भी पुलिस को कोई मदद नहीं मिले।

आपको बताते चलें कि पुलिस द्वारा स्‍केच घटनास्‍थल पर मौजूद प्रत्‍यक्षदर्शियों व पीडित के बयान के आधार पर तैयार कराये जाते है। ऐसे में हादसे के बाद घबड़ाहट की स्थित में लोग ओरापियों का पूरा ब्‍यौरा याद नहीं रख पाते। लोगों को बस मोटा-मोटा हुलिया ही याद रहता है। नतीजे की बात करें तो स्‍केच अपराधी से हूबहू मेल नहीं खा पाता।

उल्‍लेखनीय है कि जनवरी 2010 में लामपुर हाउस से तीन पाकिस्‍तानी आतंकी फरार हो गये थे। बाद में दिल्‍ली पुलिस ने उनका स्‍केच जारी किया था। मामला जस का तस है और फरार आतंकियों के बारे में अब तक कोई सुराग नहीं हैं। कुछ दिनों पूर्व ही दिल्‍ली के धौलाकुआं इलाके में युवको ने एक युवती को अगवा कर उसके साथ सामुहिक बलात्‍कार किया था। इस घटना में भी पुलिस ने आरोपियों का स्‍केच बनावाया था। काफी लंबे समय बाद उनकी गिरफ्तारी हुई मगर एक सिपाही की सूचना पर ना कि स्‍केच के माध्‍यम से।

हाल ही में पूर्वी दिल्‍ली के मुथूट फाइनेंस कंपनी में करोड़ो की ड‍कैती पड़ी थी। इस मामले में भी दिल्‍ली पुलिस ने आरोपियों का स्‍केच जारी किया था। स्‍केच आरोपियों से मेल नहीं खाया और पुलिस के हाथ कोई सफलता नहीं लगी। छानबीन के बाद एक मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार कर सकी।

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