रेड्डी ब्रदर्स : चिट फंड कंपनी से 8000 करोड़ की मिल्कियत

बैंगलुरू । सोमवार सुबह कर्नाटक के लिए काफी हतप्रभ रही क्योंकि सुबह साढ़े छह बजे सीबीआई ने अवैध खनन के मामले में कर्नाटक के रेड्डी बंधुओं को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही कई अहम दस्तावेज भी बरामद किये गये हैं। उन्हें लेकर सीबीआई आज हैदराबाद पहुंची है, जहां उम्मीद है कि दिन के तीन बजे उन्हें सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जायेगा।

आपको बता दें कि रेड्डी ब्रदर्स कर्नाटक राजनीति में उथल-पुथुल मचाने वाले अहम व्यक्ति हैं। रेड्डी ब्रदर्स तीन भाई हैं। जिनके नाम हैं.. जी करुणाकर रेड्डी, जी जनार्दन रेड्डी और सोमशेखर रेड्डी। ये तीनों भाई नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज के काफी करीबी माने जाते हैं। कर्नाटक सरकार में जी करुणाकर पूर्व राजस्‍व मंत्री पद पर रह चुके हैं। जबकि जी जनार्दन रेड्डी को पर्यटन विभाग संभाल चुके हैं। तीसरे भाई भी बीजेपी के ही विधायक है।

स्टार न्यूज के मुताबिक रेड्डी बंधुओं ने अपने करियर की शुरूआत साल 1990 में अपनी छोटी सी चिटफंड कंपनी के बंद करके सिर्फ 50 लाख के साथ ऑयरन माइनिंग यानी लौह अयस्क खनन के कारोबार की शुरूआत की थी। साल 1998 आते-आते इस कंपनी ने काफी नाम लिया था लेकिन इस कंपनी के हिस्से में नाम की जगह बदनामी ज्यादा आयी। साल 1998 में ही इस कंपनी में 200 करोड़ के घोटाले का आरोप लगा है।

कर्नाटक ही नहीं रेड्डी ब्रदर्स तो आंध्रप्रदेश की सीमा में भी अपना बिजनेस करते हैं जिसमें उनके साथ आंध्र प्रदेश के दिंवगत मुख्यमंत्री वाईएसआर के बेटे जगनमोहन रेड्डी के भी भागी दारी है। वहां भी इन को ऊपर धोखाधड़ी का आरोप लगा है। आज हालत ये है कि रेड्डी बंधु आज 8000 करोड़ रुपये के मालिक है।

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