गुजरात लोकायुक्त पर कांग्रेस व बीजेपी में तनातनी

इस मुद्दे पर बीजेपी ने मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में हंगामा कर सदनों की कार्रवाई कई बार स्थगित करवाई। पार्टी ने राज्यपाल को वहां से वापस बुलाए जाने की मांग की। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि वे लोकायुक्त की नियुक्ति का मामला 2 सितंबर को राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के सामने उठाएंगी। यह मामला संविधान के उलंघन का है। यह राज्य में मुख्यमंत्री के अधिकारों का भी हनना है।
इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त संतोष हेगड़े ने कहा कि इस तरीके से राज्यपाल द्वारा लोकायुक्त की नियुक्ति करना गलत है। उन्होंने राज्यपाल के इस कदम को संविधान के खिलाफ बताते हुए इसे लोकायुक्त अधिनियम के भी खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से विचार विमर्श किए बिना राज्यपाल स्वविवेक के आधार पर लोकायुक्त की नियुक्ति की इजाजत नहीं देता है। हेगड़े ने इसे संविधान के अनुच्छेद 163 का उलंघन भी बताया जिसमें राज्यपाल राज्य के मंत्रिमंडल की सलाह के बिना कोई निर्णय नहीं ले सकता।












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