अन्ना की तीनों शर्तों पर कांग्रेस-भाजपा सशर्त राजी!
विपक्ष की ओर से आज के बहस की जिम्मेदारी श्रीमती सुषमा स्वराज और वरूण गांधी को दी गई तो वहीं कांग्रेस की ओर से ये जिम्मेदारी सांसद संदीप दीक्षित और प्रणव मुखर्जी के हाथ में हैं। लोकपाल पर अपना रूख साफ करते हुए बीजेपी ने कहा कि वो तहे दिल से अन्ना हजारे का सम्मान करती है क्योंकि उन्होंने अपने प्रयास से सोई हुई जनता को जगाने की कोशिश की।
अन्ना की ओर से तीन शर्ते रखी गई थी जिसमें पहली थी राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति, दूसरी थी सिटिजन चार्टर और तीसरी थी काम ना होने पर कर्मचारियों की वेतन कटौती। सदन में इस समय नियम 194 के तहत बहस हो रही है। जो खबर आ रही है उसके मुताबिक अन्ना हजारे की ओर से रखी गयी तीनों शर्तों पर कांग्रेस और भाजपा सशर्त राजी है। कांग्रेस जहां पीएम मामले में विचारधीन बातें बता रही हैं वहीं भाजपा इसके लिए राजी है। जहां तक न्यायपालिका का सवाल है उस पर भाजपा और कांग्रेस राजी नहीं है, जबकि सीबीआई को लोकपाल के दायरे में होना चाहिए ये बात भाजपा कह रही है लेकिन कांग्रेस ने कहा है कि इस बारे में विचार कर रहे हैं।
इससे पहले संदीप दीक्षित ने कहा कि सरकार ने अन्ना हजारे की 40 में 34 बातें मान ली है। हालांकि दीक्षित ने कहा कि एनजीओ पर भी अंकुश जरूरी है। कुल मिलाकर अन्ना हजारे की ओर से जो भी बातें कही गयी थी उन पर संसद में बहस जारी है। यही नहीं लोकसभा का सीधा प्रसारण रामलीला मैदान में देखा जा रहा है जिससे उम्मीद की जा सकती है कि शाम तक अन्ना के अनशन से संबधित कोई बड़ी खबर आ जायेगी। क्योंकि अन्ना ने कहा था कि अगर संसद में उनकी बातों पर बहस होती है तो उनका अनशन टूट जायेगा लेकिन आंदोलन चलता रहेगा।













Click it and Unblock the Notifications