ट्रेन रोकी, जीआरपी जवानों ने किया हवाई फायर

बाद में रेलवे हिसार के डीएसपी व जाखल रेलवे थाना के एसएचओ मौके पर पहुंचे और जाखल थाने में टीटी तथा तीनों पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। जानकारी के अनुसार टोहाना निवासी विनोद कुमार पुत्र सूरत सिंह व उसका भतीजा अमित पुत्र खेमचंद दिल्ली में अन्ना हजारे के अनशन में शामिल होकर वापस टोहाना आ रहे थे। वह पंजाब मेल में सवार हुए। बताया गया है कि दोनों के पास जनरल डिब्बे की टिकट थी और वह गलती से रिजर्व डिब्बे में बैठ गए।
बताया गया है कि रोहतक के पास टीटी वहां आ गया और उनकी टिकट देखकर उनसे 200-200 रुपये ले लिए। जब दोनों ने टीटी से रसीद काटने को कहा तो टीटी ने कहा कि रसीद के लिए 640 रुपये देने होंगे। उन्होंने 640 रुपये देकर टिकट कटवा ली। आरोप है कि इसके बाद भी टीटी ने उनको डिब्बे से उतरकर जनरल वार्ड में जाने को कहा, लेकिन जब उन्होंने कहा कि वह जब रिजर्वेशन की रसीद कटवा चुके हैं तो उनको यहां से क्यों निकाला जा रहा है।
आरोप है कि इस पर टीटी भड़क गया और दोनों के थप्पड़ मारे तथा जीआरपी के जवानों को बुला लिया। जीआरपी के तीन जवान वहां आ गए और उनको दूसरे डिब्बे में ले जाकर उनको चोटें मारी तथा उनसे 11 हजार रुपये छीन लिए। इस पर विनोद ने अपने परिजनों को मोबाइल पर सारी कहानी बता दी। बात सुनकर विनोद के परिजन राजेन्द्र बल्ली, रमेश गोयल, जगदीश पाहवा सहित अनेक लोग टोहाना रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए और ट्रेन को रुकवा लिया।
यहां पर लोगों ने जमकर हंगामा मचाया और उनको देखकर जीआरपी के एक जवान ने हवाई फायर कर दिया। वहीं यात्रियों ने जीआरपी के एक जवान को भी पीट दिया। करीब ढाई घंटे तक लोगों ने ट्रेन को रोके रखा। बाद में मौके पर पहुंचे रेलवे थाने के डीएसपी आहुजा व थाना प्रभारी मौके पर पहुंच गए और टीटी व तीनों जवानों को पकड़कर जाखल थाने ले आए। यहां पर चारों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।












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