अन्ना के अनशन का आज 11वां दिन, टूटेगा कब, सस्पेंस बरकार!
यानी की सिटिजन चार्टर, लोकपाल के साथ सभी राज्यों में लोकायुक्त और लोकपाल में बड़े अधिकारियों के साथ-साथ छोटे अधिकारियों को भी शामिल करना। गौरतलब है कि अन्ना ने कहा था कि अगर उनकी तीन शर्तो वाले जनलोकपाल पर संसद में बहस हो जाती है तो वो अपना अनशन तोड़ देगें। अन्यथा नहीं।
सरकार के इस फैसले के बाद टीम अन्ना बीजेपी के नेता लालकृष्ण आडवाणी से मिली। जिसके बाद भाजपा अध्यक्ष नीतिन गडकरी ने कहा कि भाजपा पूरी तरह अन्ना के साथ है। भाजपा से बैठक के बाद टीम अन्ना काफी प्रसन्न नजर आयीं। लेकिन सरकार के कुछ नेताओं ने इस बैठक पर नाराजगी दिखायी है। सरकार की ओर से अभी कोई भी जवाब अन्ना और टीम अन्ना को नहीं गया है क्योंकि जवाब तैयार नहीं हो पाया था। सरकार के दूत विलासराव देशमुख ने कहा कि जवाब तैयार करने में वक्त लगता है इसलिए विलंब हो रहा है लेकिन सरकार ने कह दिया है कि संसद में बहस होगी तो होगी। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने दोबारा अन्ना से अपील की वो अपना अनशन तोड़ दें क्योंकि उनकी जान बेशकिमती है। देश को उनकी बहुत जरूरत है।













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