सरकार ने अभी तक नहीं शुरू की बातचीत: अरविंद केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा, "कीटोन लेवल बढ़ जरूर रहा है, लेकिन खतरे के निशान के ऊपर नहीं पहुंचे हैं। आज आठवां दिन है और यह अब राजनीतिक बहस बन चुका है। अगर सरकार चाहे तो इसका समाधान 24 घंटे में हो सकता है और बाद में तकनीकी रूप से कैसे क्रियान्वयन होगा यह भी सरकार जानती है। सरकार को समाधान नहीं करना है, इसीलिए अभी तक कमेटी पर कमेटी, कमेटी पर कमेटी बनती जा रही है।"
उन्होंने कहा, "अभी तक सरकार की ओर से अधीकृत रूप से कोई नहीं आया है। सभी अनाधिकृत रूप से ही बातचीत के लिए आये हैं। किसी ने अन्ना जी से मिलने के बाद कहा कि अन्ना अब राहुल गांधी या मनमोहन सिंह से ही बात करेंगे। जबकि ऐसा नहीं है। अन्ना चाहते हैं कि सरकार जिम्मेदार लोगों को भेजें तो हम बातचीत को तैयार हैं। अभी तक टीम अना के पास कोई अधिकारिक प्रस्ताव नहीं आया है।"
बकौल केजरीवाल एक बार सरकार अधिकारिक रूप से किसी को भेजे तो सही, हम बात करने को तैयार हैं। अभी आज हम इंतजार करेंगे कि सरकार की ओर से राजनीतिक बातचीत शुरू हो। सरकार इसे नियमों और कमेटी में उलझाने के बजाये बातचीत करे।
जब मीडिया ने पूछा कि आप कहां-कहां प्रदर्शन कर रहे हैं, तो केजरीवाल ने जवाब दिया कि हम नहीं जनता प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा, "जनता अपने विधायक, सांसदों के घर पर जायें और शांतिपूर्ण ढंग से उनसे बात करें। कुछ जगहों पर कुछ नेताओं के खिलाफ गलत नारे लगाये गये, जो गलत है। कृपया यातायात के नियमों का पालन करें। सड़कों के ऊपर लोग ट्रैफिक के नियमों को तोड़ते हुए प्रदर्शन कर रहे थे। यह भी एक भ्रष्टाचार है। कृपया ऐसा नहीं करें। कृपया यातायात नियमों का पालन करते हुए यहां आयें।"
अन्ना की आगे की रणनीति पर केजरीवाल ने कहा कि अन्ना मंच पर आयेंगे और खुद जनता से अपनी बात कहेंगे। जनलोकपाल बिल कैसे आयेगा, इस पर केजरीवाल ने कहा कि सरकार अपना बिल वापस लेकर जन लोकपाल को प्रस्ताव कर सकती है या फिर अपने बिल में संशोधन कर सकती है। कई और तरीके हैं, जो सरकार अपना सकती है।
केजरीवाल ने कहा, "देश भर में लोग अन्ना के साथ अनशन पर बैठे हैं, मैं उनसे निवेदन करूंगा कि यदि आपका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, ता आप अनशन से उठ जायें और बेहतर होगा यदि आप प्रचार-प्रसार करेंगे।"













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