मंहगाई से पीसी बाजार की रफ्तार पड़ी धीमी
एक
समय था जब लोगों के पास पीसी होना काफी बड़ी बात माना जाता था कार्यालयों के कम्प्यूटरीकरण से तो पूरा माहौल ही बदल कर रख दिया मगर 1988 में जब पहला लैपटॉप्ा लांच हुआ था तो पीसी की रफ्तार को मानों ग्रहण सा लग लग गया। हाल के दिनों में महंगाई के बढ़ने से पेट्रोल के दामों के अलावा खाने पीने की चीजों में भी बढ़ोत्तरी हुई इसका असर पीसी बाजार में भी पड़ा है। id="toptextpromo">इस
वर्ष के पहले छह महिनों के दौरान पिछले वर्ष की तुलना में 2.5 प्रतिशत की दर से बढ़ा और कुल 25 लाख कंम्प्यूटरों और लैपटाप की बिक्री हुई। बाजार में इसका अध्ययन करने वाली संस्था गार्टनर के मुताबिक ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी और उपभोक्ताओं की मांग घटने से पीसी बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं बाजार का अध्ययन करने वाली संस्था के अनुसार बीते छह महिने केदौरानपीसी बाजार में जो तेजी आई थी वह मोबाइल बाजार की देन थी। जिसने जनवरी से जून के बीच अच्छी खासी बढ़ोत्तरी की थी। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>
अगर
कंप्यूटर के निर्यात पर ध्यान दें तो डेल, एसर, एचपी और लेनोवो जैसी बड़ी कंपनियों ने 50 फीसदी पीसी का कुल निर्यात किया जबकि घरेलू कंपनियों की हिस्सेदारी केवल 6.6 प्रतिशत ही रही इसमें डेल 17 फीसदी के साथ पहले नम्बर पर और एसर दूसरे तथा एचपी तीसरे स्थान पर रही। आगे आने वाले समय में इसमें कितनी बढ़ोत्तरी होती है यह तो आने वाले दिनों की महंगाई पर ही निर्भर करेगा।











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