पूरे यूपी में हो सकती है एनआरएचएम घोटाले की जांच

एन. आर. एच. एम. घोटाले की जांच सीबीआई से कराये जाने की मांग संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार से जानना चाहा है कि इस घोटाले को रोकने के लिए क्या किया गया। न्यायालय मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को करेगी। न्यायालय ने मामले की जांच रिपोर्ट तलब कर ली। न्यायालय ने पूछा कि अब तक इस मामले में क्या किया गया है। पीठ ने कहा कि याची द्वारा दायर शपथपत्र का उत्तर यदि चाहे तो राज्य सरकार एंव केन्द्र सरकार सुनवाई के समय दे सकती है। न्यायमूर्ति प्रदीपकांत व न्यायमूर्ति रितुराज अवस्थी की खण्डपीठ ने यह आदेश याची सच्चिदानंद गुप्ता की ओर से दायर जनहित याचिका पर दिये।
ज्ञात हो कि एनआरएचएम में करोड़ों का घोटाला हुआ कई बार घोटाले के आरोप लगे लेकिन सरकार ने हर बार आरोपों को नजरअंदाज कर दिया। आखिरकार न्यायालय के आदेश पर राजधानी में हुए घोटाले की जांच शुरू हुई हैं। केन्द्र सरकार की ओर से एडीशनल सालीसीटर जनरल अशोक निगम ने अपना जवाब अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया है। अपने जवाब में केन्द्र सरकार ने भी एनआरएचएम के फण्ड में अनियमितताओं की बात स्वीकार की है।
अदालत ने अधिवक्ता डा. निगम से पूछा कि केन्द्र सरकार सीबीआई जांच के पक्ष में है अथवा नहीं इस पर डा. निगम ने पीठ को बताया कि केन्द्र सरकार हर जांच के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत के समक्ष मामला है न्यायालय जो भी आदेश करती है सरकार को मान्य होगा। याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता यामिनी जायसवाल ने पीठ से आग्रह किया कि पूरे राज्य में हुए करोड़ो रुपये के एनआरएचएम घोटाले की सीबीआई जांच कराई जाये। जबकि राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि पहले कैग से जांच कराकर पता लगाया जाये कि कितनी वित्तीय अनियमितता हुई। मामले पर अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।












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