मिर्चपुर कांड पर 20 अगस्त को आयेगा विशेष अदालत का फैसला

यह एक सामुदायिक विवाद था न कि कोई जातिगत विवाद। रोहिणी जिला अदालत की विशेष न्यायाधीश डा. कामिनी लॉ के समक्ष बचाव पक्ष के वकील बीएस राणा ने अपने मौखिक और लिखित दलीलें अदालत के समक्ष दी। अभियोजन पक्ष के वकील राणा ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने कोई स्वतंत्र गवाह भी कोर्ट में पेश नहीं किया।
ताराचंद के मरने से पूर्व दिए गए बयान से भी यह साबित नहीं होता कि उन्हें तेल डालकर जलाकर मारा गया था या फिर घर में लगी आग की वजह से वह जले थे। इन आरोपियों के पास से एक भी हथियार बरामद नहीं हुआ है। राणा का कहना था कि आरोपियों के विरुद्ध अभियोजन पक्ष की बातें न तो फोरेंसिक रिपोर्ट और न गवाहों के बयानों से साबित होती है।
अगर अदालत कमला और प्रदीप के बयान को मानती है तो ही यह मामला हत्या का बनता है। अब अभियोजन पक्ष की तरफ से अपनी लिखित रिबटल दलीलें अदालत में रखी जाएंगी। हालांकि न्यायाधीश ने इस मामले में 20 अगस्त को अपना अहम फैसला सुनाने की बात साफ कर दी हैं।












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