24 साल से अलग रह रहे दंपति को तलाक नहीं

न्यायमूर्ति कैलाश गंभीर ने कहा अरोड़ा ने पत्नी पर उससे अलग रहने, उसका व परिवार के सदस्यों का अपमान करने का इल्जाम लगाया है। वहीं दूसरी तरफ पत्नी ने सभी आरोपों को गलत बताते हुए उस पर दहेज के लिए प्रताड़ित करन का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं दहेज प्रताड़ना के मामले में याची व उसके परिवार को निचली अदालत ने दोषी भी ठहरा दिया है।
कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने एक भी ऐसा वह सबूत कोई सबूत पेश नहीं कर पाया कि विवाह के बाद पत्नी अलग रह रही है और उसने पत्नी को वापस लाने का प्रयास किया हो, मगर पत्नी ने इनकार कर दिया। अत: ऐसी स्थिति में पत्नी द्वारा प्रताड़ना का मामला नहीं बनता और तलाक का आवेदन स्वीकार नहीं किया जा सकता।
याची ने तर्क रखा था कि उनका विवाह 13 फरवरी 1987 को हुआ था और 13 दिसंबर 87 को वह मायके किसी रिश्तेदार के विवाह में शामिल होने के लिए गई थी और वापस नहीं आई।












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