एनआरएचएम के बजट की निगरानी के लिए एकाउंटेंट

एकाउंटेंट प्रेम नारायण त्रिपाठी ने आते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को यह संकेत दे दिया गया कि अब गोरखधंधा आसान नहीं होगा। एनआरएचएम के सभी खातों की जांच पड़ताल अब लेखाकार त्रिपाठी ही करेंगे।
राष्टi्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के 3000 करोड़ के बजट में जिस प्रकार बंदर बांट की गयी उससे केन्द्र सरकार काफी परेशान हुई। सरकारी धन को नेताओं व अधिकारियों ने जिस प्रकार लूटा उससे जनता को भारी नुकसान हुआ।
दवा खरीद, एम्बुलेंस खरीद के साथ बिस्तर खरीद घोटाले ने साबित कर दिया कि निरंकुश अधिकारियों ने जनता के हित में खर्च किए जाने वाले धन से अपनी जेबे भरीं। आगे से सरकारी धन सिर्फ सरकारी योजनाओं में खर्च हो इसके लिए केन्द्र सरकार ने जिलों में एकाउंटेंट तैनात करने की योजना तैयार कर ली। योजना की शुरूआत हो चुकी है लखनऊ में एक एकाउंटेट भेज भी दिया गया है।












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