नोट फॉर वोट में हिन्दुस्तानी ने मनमोहन, सोनिया को भी घसीटा
सुहैल हिंदुस्तानी कोई राजनीतिज्ञ नहीं बल्कि दिल्ली में तेरह सालों से लाइजनिंग का कम कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि हिंदुस्तानी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं। कैश फार वोट मामले में यह दूसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले अमर सिंह के करीबी रहे संजीव सक्सेना को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने सुहैल हिंदुस्तानी को पूछताछ के लिए हाजिर होने को कहा था। हाजिर होने से पहले वह पत्रकारों से बात करते हुए सारा ठीकरा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर फोड़ दिया। पुलिस के सामने पूछताछ करने से पहले हिंदुस्तानी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, कैश फार वोट घोटाले की जांच करने वाली संसदीय समिति के सामने जो कुछ भी कहा था वो सब वह पुलिस से कहेंगा। यह पूछे जाने पर कि उन्होंने समिति से क्या कहा था तो हिंदुस्तानी ने आरोप लगाया कि अमर सिंह ने उन्हें बताया था कि वह प्रधानमंत्री के निर्देशों पर अहमद पटेल के साथ मिलकर सरकार को बचाने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'लोग इस बात में यकीन नहीं कर सकते कि मनमोहन सिंह और कांग्रेस पार्टी सरकार को बचाने के लिए इस स्तर तक जा सकते हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि इस अभियान को अमर सिंह और कुछ कांग्रेस नेताओं ने किया।
हिंदुस्तानी ने कहा कि उनके कॉल रिकॉर्ड की जांच की जानी चाहिए। इससे यह पता चलेगा कि 9 जुलाई और 22 जुलाई 2008 के बीच किन लोगों ने उन्हें कॉल किया था। हिंदुस्तानी ने आरोप लगाया, 'मैं उन्हें चुनौती देता हूं। उन्होंने मुझे रिश्वत देने की कोशिश की। उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं भाजपा के साथ क्यों हूं। हमारे साथ आओ और हम तुम्हें चेयरमैन जैसा कोई बड़ा पद देंगे। उन्होंने मुझसे कहा कि यदि तुम एक सांसद लाते हो तो हम कमीशन के तौर पर 5-10 करोड़ रुपये देंगे।'
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुहैल हिंदुस्तानी से करीब सात घंटे तक पूछताछ चली और इस पूछताछ के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अब उम्मीद लगाई जा रही है कि इस मामले में समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह से पूछताछ हो सकती है। दिल्ली पुलिस ने सिंह से पूछताछ के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की राय मांगी थी। और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बाबत पुलिस को हरी झंड़ी दे दी है।
वहीं पुलिस सूत्रों ने बताया कि भाजपा सांसद अशोक अरगल और भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के पूर्व सहायक सुधीर कुलकर्णी से भी पूछताछ हो सकती है। अरगल को कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी। कुलकर्णी ने कथित तौर पर स्टिंग ऑपरेशन की व्यवस्था की थी।













Click it and Unblock the Notifications