डा सचान हत्या: जेल में बाहरी शक्स की उंगलियों के निशान

सीबीआई जांच दल ने जेल कर्मियों से सवाल किए तो सेन्ट्रल फॉरेन्सिक टीम ने जेल के उस कमरे में फिंगर प्रिंट लिए जहां डा. सचान का शव पाया गया तो उन्हें एक ऐसे व्यक्ति को उंगलियों के निशान भी मिले जिनका मिलान जेल कर्मियों के निशान से नहीं हुआ। यक्ष प्रश्न के समान सीबीआई के सामने आयी इस गुत्थी को सीबीआई सुलझाने का प्रयास कर रही है।
ऐसा कौन शक्स था जो जेल के निर्माणाधीन शौचालय में उस वक्त मौजूद था जो जेल कर्मी नहीं था फिर जेल अधिकारियों के साथ वहां मौजूद थे। सूत्र बताते हैं कि जेल में जांच करने गए सीबीआई की सेन्ट्रल फॉरेन्सिक टीम को किसी बाहरी आदमी के हाथों के निशान मिले। निशान तो बाहरी व्यक्ति हैं यह तो आसानी से कहा जा सकता है क्योंकि वह निशान किसी भी जेल कर्मचारी व अधिकारी से नहीं मिलते लेकिन यह निशान किसके हैं इस बारे में कोई कुछ नहीं बता पा रहा है।
सीबीआई ने जब जेल परिसर में रखे आगंतुक रजिस्टर की पड़ताल की तो भी किसी ऐसे नाम का पता नहीं चल सका जो जेल परिसर के भीतर आया और यहां रहा। ऐसे में इस बात की संभावना प्रबल हो जाती है कि कोई बाहरी व्यक्ति आया और उसकी लिखा पढ़ी नहीं की गयी। सीबीआई अधिकारी इस शक्स का पता लगाने का प्रयास कर रही है। उधर एसपी नीलाभ किशोर बुधवार को लखनऊ आ सकते हैं क्योंकि आगे की पूछताछ बड़े लोगों से होनी है जो बगैर एसपी रैंक के अधिकारी के नहीं हो सकती है।
इससे पूर्व डिप्टी एसपी के नेतृत्व में सीबीआई ने जेल परिसर का दौरा किया और कर्मचारियों से पूछतांछ की। पूछताछ में एक ही प्रश्न अलग-अलग लोगों से किया जिसमें कई बारे ऐसे जवाब मिले जो विरोधाभास उत्पन्न करते हैं। विरोधाभासी जवाबों ने सीबीआई को यह सोचने पर विवश कर दिया कि कुछ न कुछ गड़बड़ है जिसे कर्मचारी व अधिकारी मिलकर छिपाने का प्रयास कर रहे हैं।












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