लाठी बरसे या गोलियां, अनशन तो होकर रहेगा: अन्ना हजारे

अन्ना हजारे ने लोकपाल बिल के लिए सरकार के मसौदे को गलत करार देते हुए कहा कि यह लोकपाल नहीं बल्कि जोकपाल है। सरकार लोकपाल बिल के नाम पर जनता को बरगलाना चाहती है। हम मजबूत लोकपाल बिल लाने के लिए बचनबद्ध हैं। इसके लिए हमें जनहित का सहयोग प्राप्त है। अन्ना हजारे ने पत्रकारों से बात करते हुए यह भी कहा कि सरकार के अडि़यल रवैये की वजह से लोकपाल बिल पर सरकार और सिविल सोसाइटी के बीच लगभग 2 महीने चली बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला था।
अब हम इस मामले को जनता के बीच लेकर जाना चाहते हैं। इसका जवाब जनता से ही जानना चाहते हैं। सरकार जो लोकपाल बिल लाना चाहती है वह हमें हरगिज मंजूर नहीं है। हम इसके खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ेंगे। अन्ना हजाने ने सरकार से लोकपाल बिल का मसौदा तैयार करने के लिए होने वाली बैठकों के बेनतीजा निकलने के बाद 16 अगस्त से अनशन करने का फैसला किया था। उनका यह अनशन अनिश्चित काल के लिए होगा।
वहीं सरकार भी अन्ना हजारे के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने तो उनके सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक कार्यकर्ता होने पर ही सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि अगर वे इतने बड़े कार्यकर्ता हैं तो लाठियां खाने से डरते क्यों हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की छवि पर सवालिया निशान लगाने वाले अन्ना हजारे को अपनी छवि के बारे में भी सबकुछ सार्वजनिक करना चाहिए।












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