मुंबई की सिसकियों के बीच सहाय-प्रधान लूट रहे थे हुस्न के जलवे

आप सोच रहे होंगे कि हम किसकी बात कर रहे हैं और क्या कहना चाह रहे हैं तो आप को हम बता देते हैं कि बुधवार की शाम को जिस समय तीन धमाकों की वजह से मुंबई शहर दहल उठा था और वहां मातम पसर गया था, उस समय दिल्ली में देश के रहनुमा बनने वाले दो नेतागण हुस्न के जलवों का आनंद ले रहे थे। जिसमें से एक मनमोहन सिंह के बेहद करीबी और राहुल गांधी के वफादार कहे जाते हैं।
आसूंओं पर भारी हसीनाओं की कैट-वॉक
जीं हां हम बात कर कैबिनेट मंत्री सुबोध कांत सहाय की, जिनके ऊपर मुंबई के हमलों की बात का कोई असर नहीं हुआ। दरअसल बुधवार की शाम को जैसे ही मुंबई हमले की खबर पूरे देश में आग की तरह फैली तो उसकी गूंज कैबिनेट मंत्री के कान तक भी पहुंची लेकिन उनके ऊपर उसका कोई असर नहीं हुआ। हमले की खबर करीब शाम 7: 15 बजे तक पूरे देश को मिल गयी थी। सुबोध कांत सहाय ने बकायदा इस खबर की चर्चा अपने घर में की लेकिन वो महज एक चर्चा बनकर ही रह गयी।
हमले के तीन घंटे के बाद वो बकायदा काले रंग के बंद गले का सूट पहने अपनी चमचमाती कार से दिल्ली के पांच सितारा होटल ग्रैंड में आयोजित एक फैशन शो में वो बतौर गेस्ट पहुंच गये। उनके लिए हमले की बात महज एक खबर ही साबित हुई।
रो रही थी मायानगरी...नाच रही थी दिलवालों की दिल्ली
जिस मुंबई के दादर बस स्टाप, झावेरी बाजार और ओपेरा हाउस में पर मौत पसरी हुई थी, सिसकियां थम नहीं रही थीं और पुलिस वाले ये जानने की कोशिश कर रहे थे कि दहशत गर्दो ने कहां-कहां और मौत बिछाने की कोशिश कर रहे हैं, उस समय होटल में बैठे सुबोध कांत सहाय जवान हसीनाओं के कैट वाक में मशरूफ थे। फैशन शो के दर्शक दीर्धा में सबसे आगे बैठे सुबोध कांत सहाय अकेले ही इस आलम का मजा नहीं ले रहे थे बल्कि उनके साथ बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव अशोक प्रधान भी मौजूद थे।
;मुंबई की हाय-हाय पर सहाय-प्रधान की वाह-वाह
;वैसे तो हमेशा सहाय और प्रधान आपस में तू-तू-मैं-मैं करते रहते हैं लेकिन हुस्न और जवानी के जलवों का मजा वो साथ-साथ लेते देखायी पड़े। इस फैशन शो में बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद थी। जिसमें सुरेश ओबरॉय, मधुर भंडारकर , मुग्धा गोडसे के नाम प्रमुखता से लिये जा सकते हैं। जिस समय मुंबई में हाय-हाय हो रहा था उस समय सहाय और प्रधान बेहद ही कम कपड़े पहनी मॉडलों को देख कर वाह-वाह कर रहे थे।
आपको बता दें कि ये फैशन शो अशोक प्रधान की बेटी का था, प्रधान इस फैशन शो के आयोजोकों में से एक थे। हुस्न की खुमारी में खोये सहाय साहब से जब ये पूछा गया कि क्या उन्हें वाकई में मुंबई में हुए हमले के बारे में पता था तो उन्होंने बड़ी ही बेशर्मी से कहा कि हां पता था, लेकिन जिंदगी आगे बढ़ने का नाम है इसलिए मैं मातम मनाने की जगह यहां आ गया।
आप सहाय और प्रधान की इस हरकत पर आप क्या कहना चाहेगें। अपनी राय से हमें अवगत कराये और नीचे लिखे कमेंट बॉक्स में अपनी प्रतिक्रिया दें।
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