यहां तो रेल से ज्यादा सुरक्षित जेल है: सीपीएम

सीपीएम वरिष्ठ नेता मोहम्मद सलीम ने ममता पर सीधा निशाना साधते हुए कहा है कि अब तो आम आदमी "जेल में सुरक्षित है मगर रेल में नहीं"। एक निजी समाचार चैनल से बात करते हुए मोहम्मद सलीम ने कहा कि यूपीए सरकार तेल, जेल, खेल और रेल के चक्कर में फंस गई है। तेल की कीमतों का मामला हो, खेल के नाम पर घोटाले हों, रेल हादसे हों या जेल जाते मंत्री हों, ये सब यूपीए की पहचान बन गए हैं।
सलीम ने कहा कि आज हालत ये है कि जेल में कसाब सुरक्षित है, सुरेश कलमाडी की चाय पार्टी होती है लेकिन रेल में आम आदमी सुरक्षित नहीं है। सलीम ने कहा कि ममता ने रेल का निजी इस्तेमाल किया है। मुख्यमंत्री बनने के लिए ममता ने रेल मंत्रालय का इस्तेमाल किया। पीएम और यूपीए इसकी बुरी हालत के लिए जिम्मेदार हैं। रेलवे में मेम्बर रेलवे ट्रैफिक की जगह कितने समय से खाली है पर कोई देखने वाला नहीं है।
वहीं दूसरी तरफ उनका कहना है कि प्रधानमंत्री मजबूर है और मामता बनर्जी जिद पर है तो ऐसे में रेल में मौत का खेल होना तो जाहिर सी बात है। यह भले नेताओं की आपसी राजनीतिक जंग हो मगर इस बात पर अगर गौर करें तो यह सच है कि रेल प्रशासन और केंद्र सरकार की उदासीनता का नतीजा ही उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में 100 लोगों की मौत के रूप में सामने आया है।












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