भिवानी में मां और दो बेटों की गला रेतकर हत्या

पुलिस को यह सूचना सोमवार की सुबह गांव के सरपंच ने दी कि सुखवीर के घर का दरवाजा दो दिनों से बंद पड़ा है। मकान में किसी ने भी गत दो दिनों से चहल कदमी नहीं देखी है अत: मौका देखा जाए। सूचना मिलते ही पुलिस निरीक्षक अशोक कुमार शर्मा सरपंच के साथ सुखवीर के मकान पर पहुंचे तो दरवाजा अन्दर से बंद मिला तो पुलिस अधिकारी व ग्रामीण पिछवाड़े से छत से देखा तो सुखवीर के मकान पर दो शव चारपाई पर एक का शव छत पर पड़ा देखा।
गांव वासियों के मुताबिक ये शव सुखवीर की विधवा संतोष (42) वर्ष तथा राजेश (18) वर्ष व जसवंत (13) के हैं। हत्या तीनों की तेजधार हथियार से गल्ला रेत कर की जाने की आशंका है। तीनों के शव इस कदर रक्त रंजित पड़े मिले हैं कि एक नजर से देख पहचान मुमकिन नहीं है। शवों की अवस्था देख यह भी कहा जा सकता है कि कातिलों ने अपने हथियारों से आंखें भी फोड़ी हैं। हालातों व शवों की स्थिति से अनुमान लगाया जा सकता है कि कातिलों की संख्या आध दर्जन के आस पास रही होगी, क्योंकि कत्ल के समय पड़ोसियों को शोरगुल का आभास तक नहीं हुआ।
पुलिस मामले को जमीनी विवाद से जोड़ कर चल रही है। जमीन को लेकर पिछले कई दिनों से मामला प्रकाश में था और पंचायत भी हुयी थी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेने से पहले फ्रोरेंसिक जांच व डांग स्क्युड का सहारा भी ले रही है। मौके पर पहुंच पुलिस उप-अधीक्षक लोहारू वीएस यादव ने घटना स्थल व जांच पहलुओं को गम्भीरता से देखा और मकान के दरवाजे को खुलवाया और घटना को मानवता के चरित्र पर दाग करार दिया।
श्री यादव ने घटना की प्राथमिक जांच के बाद कहा की पुलिस गहराई से जांच करेगी। उधर घटना से पूरा गांव सहमा है और सन्नाटा पसरा पड़ा है। ग्रामीणों से बात की गई तो उन्होंने घटना पर एक शब्द तक मुंह नहीं खोला तथा केवल इतना सुनने को मिला की इनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। संतोष व जसवंत मिलनसार थे जबकि राजेश ननिहाल में पढ़ता था। मृतक संतोष के भाई अजित निवासी कुम्भा हांसी ने पुलिस को बयान दिये हैं कि जब से उनका बहनोई सुखवीर मरे हैं।
संतोष के देवर,जेठ व अन्य परिवार वालों ने बच्चों को एक दिन सुख से पानी नहीं पीने दिया और उन्होंने ही मर्डर करवाया है। पुलिस को दिये बयान में अजित ने ग्यारह लोगों को को नामजद किया है उनमें इन्द्र सिंह व इसकी
पत्नी, समशेर व इसकी पत्नी, कुलदीप व इसकी पत्नी, सतवीर की पत्नी, धूपा व इसकी पत्नी, प्रदीप व जसवंत उर्फ जम्मू पर कतल का आरोप लगाया है। संतोष व बच्चों की मौत केवल उनके हिस्से की 26 एकड़ जमीन है।
मृतक संतोष के देवर इन्द्र सिंह से बात की गई तो उसने बताया कि वह पिछले एक डेढ़ महीने से हिसार के अस्पताल में शुगर का इलाज करवा रहा था और जमीनी विवाद से उनका कोई लेना देना नहीं है। राजेश ने एक एकड़ जमीन कुछ लोगों को बेची थी उसका भी गांव की पंचायत ने फैसला कर दिया था। घटना की जानकारी गांव के लोगों से मिली है और कुम्भा वासी अजित ने जो भी हमारे परिवार वालों के नाम बयानों में पुलिस को बताये हैं उनको इससे कोई लेना देना नहीं है। हम सुबह से पुलिस का हर कदम सहयोग कर रहे हैं। पुलिस जांच में सब कुछ सामने आ जाएगा। जो भी मामला है उसकी जांच पुलिस कर रही है और घटना से पूरा क्षेत्र सहमा है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस कार्यवाही में जुटी थी और मामला दर्ज नहीं हुआ था। पढ़ें- हरियाणा की अन्य खबरें












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