हिसार में हत्या से गुस्साई भीड़ ने मचाया उत्पात

उपद्रवियों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो उन्होंने शहर थाना इंचार्ज राकेश मटौरिया के साथ धक्का-मुक्की की। प्रदर्शन से शहर की प्रमुख सड़क पर पांच घंटे तक आवागमन ठप रहा, जिससे शहर दो हिस्सों में बंट गया। लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में भारी परेशानी हुई। इससे पहले पुलिस वालों की बदतमीजी के कारण गुस्साए लोग कैंप चौक पहुंच गए और यहां जाम लगा दिया। एक बस के शीशे तोड़ दिए और वाहनों को नहीं निकलने दिया।
लोग हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार करने और अरोड़ा परिवार को 20 लाख मुआवजा व नौकरी देने की मांग कर रहे थे। एएसपी अभिषेक गर्ग ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। वे इस बात पर अड़ गए कि जब तक शीर्ष अधिकारी आकर उनकी बात नहीं सुनेंगे, वे सड़क से नहीं हटेंगे। तीन घंटे तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो प्रदर्शनकारी और उग्र हो गए। वे फव्वारा चौक पहुंच गए और वहां भी जाम लगा दिया। भीड़ में शामिल युवकों ने जाट स्कूल के आसपास की दुकानों में तोडफ़ोड़ शुरू कर दी।
प्रदर्शनकारियों ने इसके बाद रेलवे स्टेशन रोड और लक्ष्मी बाई चौक को जाम कर दिया। युवकों ने उसी दौरान पथराव शुरू कर दिया और जींद मिल्क प्लांट के टैंकर, पीडब्ल्यूडी के ट्रक, दो कारों और प्राइवेट वाहनों के शीशे तोड़ दिए। करीब चार घंटे बाद एसडीएम अमरदीप जैन की व्यापारियों की 11 सदस्यीय कमेटी से बैठक हुई। अधिकारियों ने 72 घंटे के अंदर हमलावरों को गिरफ्तार करने और मुआवजा दिलाने में मदद करने का आश्वासन दिया। यह समझौता लिखित में होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोल दिया। प्रदर्शन के दौरान तोडफ़ोड़ करने पर पुलिस ने 9 व्यक्तियों को नामजद करते हुए 200 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।












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