तिहाड़ जेल में कलमाड़ी को चाय पार्टी देने वाले 3 अधिकारी निलंबित

वहीं, तीन अन्य को जेल मैनुअल के खिलाफ काम करने का दोषी पाया गया है। जिन्हें निलंबित कर दिया गया है। निलंबित होने वालों में दो सहायक जेल उपाधीक्षक तथा हेड वार्डन शामिल हैं। जेल डीआईजी आरएन शर्मा ने बताया कि 30 जून को औचक निरीक्षण करने पहुंचे अतिरिक्त जिला न्यायाधीश बृजेश कुमार गर्ग ने कहा था कि जेल अधीक्षक एससी भारद्वाज ने सुरेश कलमाड़ी को चाय पिलाई और नाश्ता कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विजिलेंस जांच कराई गई। इसमें जेल अधीक्षक को दोषी ठहराया गया है। खुद सुरेश कलमाड़ी ने चाय पीने की बात स्वीकार की और नाश्ता करने से इंकार किया, क्योंकि वह कई बीमारियों से ग्रसित हैं। जांच रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेज दी गई। वहां से अनुमति लेने के बाद दिल्ली सरकार को रिपोर्ट सुपुर्द कर दी गई है। अब दिल्ली सरकार एसी भारद्वाज को लेकर फैसला करेगी। भारद्वाज दानिक्स कैडर के हैं।
वहीं डीआईजी ने बताया कि न्यायाधीश गर्ग ने बताया था कि नीतीश कटारा हत्याकांड के अभियुक्त विकास यादव और विशाल यादव जेल परिसर में असमय घूम रहे थे। जांच में पाया गया कि विकास यादव जेल के अंदर बने पीसीओ पर फोन करने आया था। वह 30 जून को 12:10 बजे फोन कर अपने वार्ड में जा रहा था। उस दिन 27 लोगों को पीसीओ से बात करनी थी। इसमें एक नाम विकास यादव का भी था। विशाल यादव को असमय वार्ड के बाहर देखा गया। जांच में पाया गया कि वह मंदिर में पूजा करने के लिए बाहर बैठा हुआ था, जो कि नियमों के खिलाफ है।
इसलिए वार्ड में तैनात हेड वार्डन सतवीर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उस वक्त वार्ड का जिम्मा सहायक जेल उपाधीक्षक जितेन्द्र पाल के पास था। उन्हें भी दोषी पाया गया और निलंबित कर दिया गया। वह वार्ड के बजाय जेल प्रशासन से जुड़े अन्य कामों को देख रहे थे। जांच के दौरान जानकारी मिली कि कलमाड़ी का वार्ड संख्या 15 चारों तरफ से खुला हुआ था।
वार्ड प्रभारी सहायक जेल उपाधीक्षक कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्हें जेल अधीक्षक एससी भारद्वाज ने मौखिक आदेश दिया था कि न्यायाधीश औचक निरीक्षण करने आने वाले हैं, इसलिए वार्ड को खोल दिया जाए। यह भी जेल नियमों के खिलाफ है। इसलिए कृष्ण कुमार को भी निलंबित कर दिया गया।












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