लोकपाल बिल: आज होगी सर्वदलीय मीटिंग

अन्ना हजारे टीम शुरुआत से ही प्रधानमंत्री और न्यायपालिका को लोकपाल बिल के अंतर्गत लाने की मांग कर रहे हैं। सरकार ने इन मांगों को नकार दिया था। इसके बाद सरकार ने भी अपना ड्राफ्ट बनाया था। जिसमें प्रधानमंत्री और न्यायपालिका को इस बिल से बाहर रखने की बात कही गई है। इससे पहले सरकार और सिविल सोसाइटी के बीच 9 दौर की वार्ता विफल हो चुकी है।
बीजेपी और लेफ्ट ने इस बैठक में शामिल होने में हामी भर दी है। जदयू, अकाली दल, डीएमके, एआईडीएमके, एनसीपी, त्रिणमूल कांग्रेस, जेडीएस, आरजेडी, टीआरएस और आरएलडी ने भी इस बैठक में शामिल होने का फैसला किया है। एनडीए में शामिल शिवसेना इस बैठक में शामिल नहीं होगी। सभी पार्टियां मिलकर दोनों पक्षों की तरफ से पेश किए गए ड्राफ्ट पर चर्चा करेंगे।
इससे पहले शनिवार को अन्ना हजारे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिले थे। इस बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री और न्यायपालिका को लोकपाल बिल के अंतर्गत लाने की बात कही थी। इस बैठक के बाद अन्ना हजारे ने कहा कि सांसद में मजबूत लोकपाल बिल पेश होना चाहिए। इसके बाद संसद जो भी फैसला लेगी वो उसे मानेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सांसद में मजबूत लोकपाल बिल नहीं भेजा गया तो वे 16 अगस्त से अपने तय अनशन पर बैठेंगे।












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