आरोप तय होने का तक कनीमोझी तिहाड़ में करें इंतजार

न्यायमूर्ति जी एस सिंघवी और न्यायमूर्ति बी एस चौहान की विशेष पीठ ने दोनों आरोपियों से कहा कि वे विशेष सीबीआई अदालत में नियमित जमानत याचिका दाखिल करने से पहले उनके खिलाफ आरोप तय होने का इंतजार करें। न्यायालय ने कहा कि इसके बाद ही सीबीआई अदालत, उनकी पिछली जमानत याचिकाओं पर हुई सुनवाई से अप्रभावित रहते हुए, इस बारे में फैसला कर सकती है।
न्यायालय की ओर से जमानत याचिका खारिज करने के फैसले का मतलब है कि आरोप तय होने तक कोनीमोझी और कुमार को जेल में ही रहना होगा। अदालत ने लगभग डेढ़ घंटे तक सीबीआई और आरोपियों के वकीलों की ओर से पेश दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज करने का फैसला सुनाया।
न्यायालय की ओर से जमानत याचिका खारिज करने के फैसले का मतलब है कि आरोप तय होने तक कनिमोई और कुमार को जेल में ही रहना होगा। अदालत ने लगभग डेढ़ घंटे तक सीबीआई और आरोपियों के वकीलों की ओर से पेश दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज करने का फैसला सुनाया।
आपको बता दें कि कोनीमोझी सीबीआई की विशेष अदालत और दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाईं थी। जहां उन्हें आस थी कि सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिल जाएगी।
कोनीमोझी और शरद कुमार पर सीबीआई ने कलैगनर टीवी में 200 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन करने का आरोप लगाया है। स्वान टेलीकॉम के प्रमोटर शाहिद बलवा की डीबी रियलिटी से यह रकम प्राप्त करने वाले कलैगनर टीवी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कोनीमोझी और कुमार की 20-20 फीसदी हिस्सेदारी है। दोनों को गत 20 मई को गिरफ्तार किया गया था। दोनों अभी तिहाड़ में बंद हैं।












Click it and Unblock the Notifications