आखिरी आस भी टूटी, कनिमोझी की जमानत याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद कनिमोझी ने कहा कि इन सबके बाद भी उनके पास एक विकल्प है और वो चाहें तो स्पेशल प्रवधानों के तहत निचली अदालत में सेक्शन 437 के तहत जमानत की याचिका फिर दाखिल कर सकती हैं। आपको बताते चलें कि कनिमोझी का 10 साल का बच्चा है और वो एक महिला हैं। उनसे सीबीआई ने फिलहाल कोई पूछताछ भी नहीं की है। वो कोर्ट से इस आधार पर बेल मांगती रही हैं।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप के पास एक विकल्प है कि आप निचली अदालत में जाकर जमानत के लिए अर्जी दाखिल करें। मालूम हो कि सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में कनिमोझी और कलैगनार टीवी के प्रबंध निदेशक शरद कुमार की जमानत याचिका का विरोध किया था। सीबीआई की ओर से कोर्ट में कहा गया था कि अगर कनिमोड़ी और शरद कुमार को जमानत दे दी गई तो वे सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं व गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।
अब पूरे मामले में देखने यह है कि सीबीआई के विशेष अदालत, हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज हो जाने के बाद कनीमोझी को निचली अदालत में सेक्शन 437 के तहत जमानत मिल पाती है या उन्हें अपना आना वाला दिन तिहाड़ जेल में गुजारना पड़ेगा।
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