विश्व का सबसे उम्रदराज़ कैदी जेल से रिहा

देश की चलर कानून व्यवस्था कहें या फिर आरोपी की किस्मत की हत्या के बारह वर्ष बाद आरोपी को सजा सुनायी गयी। महाराजगंज जिले के जगन्नाथ मन्दिर के महंत रामानुज दास की हत्या 1987 में की। हत्या के बाद बृज बिहारीव उसके परिवार के सदस्यों समेत 15 लोगों को हिरासत में लिया गया। फिर शुरू हुई कानूनी लड़ाई। आरोपियों ने बचने के लिए कई दलीलें पेश कीं लेकिन पुलिस उन दलीलों को गलत साबित करती चली गयी।
कई वर्षों तक चली इस कानूनी प्रक्रिया के बाद आरोपियों को दिसम्बर 2009 में आजीवन कारावास की सजा दे दी गयी। सजा दिए जाने के वक्त आरोपी की काफी उम्र हो गयी थी। फिलहाल उसे जेल भेज दिया गया। जेल जाने के बाद से उसका स्वास्थ्य गड़बड़ाने लगा। दुनिया के सबसे बुजुर्ग कैदी की उम्र वर्तमान में 108 वर्ष हो गयी।
तीन वर्ष के कारावास काल में वह जेल की कोठरी से अधिक अस्पताल में रहा। कैदी की मौत जेल में न हो जाए इस डर से जेल प्रशासन ने सरकार की इजाजत ले उसे घर भेज दिया। जेल से रिहा होने के बाद बृज बिहारी ठूठीवरी थानान्तर्गत स्थित अपने गांव बरियापुर पहुंच गया। इस रिहाई के साथ ही दुनिया को सबसे बुजुर्ग कैदी जेल से आजाद हो गया।












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