उत्तर प्रदेश: किडनी निकालने वाले तांत्रिक की पुलिस हिरासत में मौत

बाराबंकी जिले के घुंघटेर थाना क्षेत्र में 8 जून को भिठोखर निवासी कमलेश मौर्या की बेटी की शादी थी। रैगवां गांव निवासी ओमप्रकाश मौर्या सपरिवार शादी में आए थे। नौ जून की रात ओमप्रकाश की 5 वर्षीय बेटी सविता रहस्यमय ढंग से लापता हो गई। काफी खोजबीन के बाद भी जब सविता का पता नहीं चला तो ओमप्रकाश ने बेटी की गुमशुदगी की शिकायत पुलिस में दर्ज करा दी। दो दिन बाद 11 जून को सविता का शव भिठोखर गांव के एक खेत में लहूलुहान अवस्था में मिला।
उसके शरीर पर चाकू के निशान थे और पहचान न हो सके इसके लिए चेहरे पर तेजाब डाला गया था। पुलिस ने इस मामले में क्षेत्र के बिहारी, ढोडे व सुरेश के खिलाफ मामला दर्ज किया। छानबीन में पता चला सविता के चाचा अनिल मौर्या ने एक तांत्रिक के साथ मिलकर सविता को अगवा किया था। मामले में 13 जून को पुलिस ने तांत्रिक गया प्रसाद व चाचा अनिल मौर्या को हिरासत में लिया।
पूछताछ में पता चला कि अनिल मौर्या के कोई संतान नही थी। तांत्रिक गया प्रसाद ने उसे सलाह दी थी कि परिवार की किसी बालिका की बलि देने पर संतान की प्राप्ति होगी। तांत्रिक के कहने पर अनिल ने सविता को अगवा किया था। जहां तांत्रिक ने चाकू से उसकी गला काट कर हत्या कर उसका गुर्दा निकाल कर खाया। शिनाख्त न हो सके इसलिए शव पर तेजाब डाल दिया।
पुलिस की वर्दी पर उस वक्त् दाग लग गया जब पुलिस हिरासत में तांत्रिक गया प्रसाद की मौत हो गई। मामले में चार पुलिसकर्मी सहित ग्यारह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक नवनीत कुमार राणा ने तीन उपनिरीक्षक व एक आरक्षी को निलम्बित कर दिया।












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