कांग्रेस को चुकानी होगी आरटीआई की कीमत

आरटीआई यानि सूचना का अधिकार के अन्तर्गत कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने गत माह 27 अप्रैल को एनआरएचएम कार्यालय जाकर जानकारी दिए जाने की मांग की। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन कार्यालय में जानकारी के लिए राहुल गांधी व डा. रीता बहुगुणा जोशी द्वारा पत्र देते ही विभाग में भूचाल आ गया। एक ओर जहां अधिकारियों की नींद उड़ी वहीं प्रदेश सरकार ने भी एनआरएचएम अधिकारियों को हिदायत दी कि जानकारी निर्धारित समय के भीतर उपलब्ध करा दी जाए। मु यमंत्री का इशारा मिलते ही अधिकारी दिन रात जानकारी जुटाने में लग गए।
बीते पांच वर्ष के आंकड़े एकत्र करने में ढेरों रिकार्ड खंगाले जाने लगे फाइलों पर धूल साफ हो गयी। जानकारी के लिए एनआरएचएम की टीम ने जिला चिकित्सालयों से लेकर सीएचसी तक का दौरा किया जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों के नाम एकत्र किए गये। दिन रात चल रहे इस कार्य के बाद जो अन्तिम तस्वीर उभर कर सामने आयी उसने एक बार फिर कांग्रेस को सकते में डाल दिया।
जननी सुरक्षा योजना के तहत बीते पांच वर्षों के लाभार्थियों की सूची में करीब 1.60 नाम हैं जिन्हें कागज पर उतारने में 10 लाख पन्ने भर जाएंगे। आरटीआई के नियमों के अनुसार यदि कोई जानकारी 20-25 पन्नो से अधिक होती है 2 रुपये प्रति पन्ने की दर से जानकारी मांगने वाले को कीमत अदा करनी होती है। अधिकारी बताते है कि कांग्रेस द्वारा जो जानकारी मांगी गयी है केवल राजधानी के आंकड़ों की जानकारी करीब 27,000 पन्नों में है जिसके लिए कांग्रेस को करीब 54,000 रुपये अदा करने होंगे।
जननी सुरक्षा योजना की जानकारी करीब 10 लाख पन्नों में तैयार हो पाएगी जबकि दूसरे बिन्दुओं पर मांगी गयी जानकारी अतिरिक्त हैं। ऐसे में कांग्रसे को को 20 लाख रुपये भी अधिक रुपये अदा करने होंगे। इस भारी भरकम रकम की जानकारी मिलने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी का कहना है कि हमने तो जानकारी सीडी पर मागी थी, लेकिन यदि सरकारी मनमानी करते हुए जानकारी कागज पर ही देना चाहेगी तो पार्टी कीमत अदा करेगी। उन्होंने कहा कि हम सरकार को पत्र लिख रहे हैं कि इस प्रकार कागज की बर्बादी न की जाए और जानकारी सीडी पर ही उपलब्ध करायी जाए लेकिन यदि बात नहीं बनती तो कांग्रेस पार्टी पैसों की व्यवस्था करेगी।












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