'मायावती ने नोएडा में किया 5000 करोड़ का घोटाला'

भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान श्री सोमैया ने मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराए जाने की मांग की। भाजपा सचिव किरीट सोमैया ने कहा कि मायावती सरकार ने नोएडा में फार्म हाउस के नाम पर किसानों की भूमि कौडिय़ों के दाम ले ली। कुछ समय के उपरान्त उसी जमीन को कारपोरेट सेक्टर को महंगे दामों पर आवंटित कर दिया गया।
ज्ञात हो कि भाजपा 2,54,000 करोड़ रुपये की लूट व चीनी मिल घोटाले का आरोप मु यमंत्री पर पहले ही लगा चुका है। श्री सोमैया ने कहा कि सोची समझी साजिश के तहत हुए इस कार्य में करीब पांच हजार करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। इस स बंध में केन्द्रीय प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में जब नोएडा प्राधिकरण से कुछ जानकारियां मांगी हैं तो सरकार ने दखल देकर जानकारी देने में अडग़ा लगा दिया।
उनका कहना था कि प्रवर्तन निदेशालय मामले की समुचित जांच न कर सके इसके लिए मायावती सरकार का नेटवर्क तेज हो गया है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून 1894 की धारा 17 और धारा 4 के तहत अधिग्रहीत की गयी भूमि की कीमत किसानों को महज 888 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से दी गयी जबकि उपरोक्त क्षेत्र में जमीन की कीमत 15 से 20 हजार रुपये है।
घोटाले के मुख्य बिन्दुओं पर नजर डालें तो दोस्तपुर मंगरौली बांगर जिसे अब सेक्टर 162, 164, 165 व 167 में तब्दील कर दिया गया है। इस इलाके में किसानों से एक करोड़ स्क्वायर फीट की जमीन जबरन ली गयी। जमीन लेते वक्त किसानों से कहा गया कि जमीन का अधिग्रहण जनहित व औद्योगिक विकास के लिए ली जा रही है। बाद में जमीनों पर जो फार्म हाउस बने उनके बारे में आज कोई जानकारी देने को तैयार नहीं है।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी भी यह बताने को तैयार नहीं कि जमीन का कौन सा टुकड़ा किस क पनी को दिया गया है। श्री सोमैया ने आरोप लगाया कि जमीन उन क पनियों के नाम आवंटित की गयीं जिनका कहीं कोई अस्तित्व ही नहीं। हालात यह है कि जमीन में दस-दस हजार वर्ग मीटर के फार्म हाउस व प्लाट बना दिए गए हैं। भाजपा ने मांग की कि यदि सरकार अपने पक्ष को साफ बताती है तो मामले की विशेष जांच दल से जांच करा लें।












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