सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कर्नाटक में भाजपा सरकार की चूलें हिलीं
बेंगलुरू।
ग्यारह बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने के स्पीकर के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद कर्नाटक में एक बार फिर राजनीतिक कढ़ाई में उबाल आ गया है। क्योंकि इस फैसलने ने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की नींद उड़ गई है। इस फैसले के बाद अब कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज कभी भी भाजपा सरकार से सदन में शक्ति प्रदर्शन के लिये कह सकते हैं। id="toptextpromo">गौरतलब
है कि राज्यपाल काफी पहले से येदियुरप्पा सरकार से बहुत ज्यादा खुश नहीं है। अगर इसे राजनीतिक सरगर्मी नाम दिया जाये, तो राज्यपाल भारद्वाज शनिवार को दिल्ली पहुंच गये, और इस बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>पीएम
से मुलाकात के बाद राज्यलपाल ने कहा कि भाजपा सरकार को अब विधानसभा में शक्ति प्रदर्शन देना ही चाहिये। मीडिया ने जब प्रधानमंत्री से मुलाकात के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि कर्नाटक के सिलसिले में उन्होंने कोई बात नहीं की। उन्होंने बात को टालते हुए कहा कि अब वो बेंगलुरू पहुंचने के बाद ही कोई फैसला लेंगे। हां उन्होंने यह जरूर कहा कि विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यंत्री ने अपने विधायकों को लेकर संविधान के मानदंडों का उल्लंघन जरूर किया है।











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