सपा के गढ़ मैनपुरी के यादवों पर कांग्रेस की नजर

उत्तर प्रदेश मिशन 2012 के तहत कांग्रेस लगातार राज्य में जातिगत वोटों को काटने का प्रयास कर रही है। लम्बे समय से राज्य की सत्ता से दूर कांग्रेस एक ओर बसपा के दलित वोट काटने के लिए लगाता इस बात को उठा रही है बसपा सरकार होने के बावजूद राज्य में दलितों को उत्पीडऩ चरम हैं अत: आवश्यकता है कि दलित मतदाता नींद से जागें तथा हकीकत देखकर सत्ता का चुनाव करें।
दलितों की राजनीति करने के साथ ही अब कांग्रेस राज्य में यादव वोट बैंक पर भी कब्जा जमाने की फिराक में है। इस अभियान के तहत पार्टी ने सपा के गढ़ में हाथ डाल दिया है। कांग्रेस अपने कई बड़े नेताओं के साथ मैनपुरी में महासंग्राम रैली का आगाज करने जा रही है। रैली में खासतौर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित तथा हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा उपस्थित होंगे।
ज्ञात हो कि कुछ समय पूर्व सपा के नेता पप्पू चौधरी ने पार्टी को छोड़ दिया था। सपा के बागी नेता श्री चौधरी ने जिले में महासंग्राम रैली के आयोजन में मुख्य भूमिका निभायी है। शनिवार को आयोजित होने वाली रैली की तैयारियां अन्तिम चरण में है। कांग्रेस के इस कदम को समाजवार्दी को अधिक महत्व दिए जाने की बात तो नहीं कर रही है परन्तु हकीकत यह है कि सपा के वरिष्ठ नेता कांग्रेस की महारैली पर बारीकी से नजर रखे हैं। सूत्रों की माने तो पार्टी के आला नेता जिले के उन संभ्रान्त व गणमान्य लोगों पर नजर रख रहे हैं जो इस रैली में हिस्सा लेंगे। उधर पार्टी को यह भी डर सता रहा है कि यदि यादव सपा के साथ छोड़ते हैं कि पार्टी को जिले में भारी क्षति उठानी होगी।












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