अयोध्या मसले को बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास
लखनऊ। अयोध्या मुद्दे पर न्यायालय से कोई संतोषजनक पहल न होने पर एक बार फिर इसे बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास शुरू किया गया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की अहमदाबाद में इस बाबत एक महत्वपूर्ण बैठक बुलायी गयी है जिसमें सभी 18 अखाडों के प्रतिनिधि भाग लेगें।

बैठक में विवादित रामजन्म भूमि/बाबरी मस्जिद विवाद को बातचीत से सुलझाने का खाका तैयार किया जायेगा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पिछले 30 सित बर को विवादित धर्मस्थल के मालिकाना हक को लेकर आये फैसले पर गत नौ मई को उच्चतम न्यायालय ने रोक लगा दी थी। रोक लगा देने के तत्काल बाद हो रही यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
परिषद के अध्यक्ष और अयोध्या के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी के महन्त ज्ञानदास के अनुसार 15 मई को होने वाली बैठक में विवाद को सुलझाने का खाका तैयार किया जायेगा। उनका कहना था कि विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने की सैद्धान्तिक सहमति आपस में है।
उसे केवल व्यावहारिक रुप देने की कोशिश की जानी है। सूत्रों के अनुसार ज्ञानदास की इस संबंध में बाबरी मस्जिद के मोह मद हाशिम अंसारी से भी बात हुई है। वहीं अखाड़ा इस बात को भी दोहरा रहा है कि विवादित धर्मस्थल से रामलला को हटाना संभव नहीं है। रामलला की वहां स्थापना रहते हुए ही कोई सर्वमान्य हल ढूंढना होगा।
बातचीत से इस विवाद को हल करने के प्रयास जारी रहेंगे। वहीं बाबरी मस्जिद ऐक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जिलानी ने फिलहाल इस मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि समझौता पक्षकारों में होता है। यदि समझौता होता भी है तो अदालत में जो पक्षकार है उन्हीं के बीच होगा। अखाड़ा परिषद तो उसमें पक्षकार है नहीं इसलिए उनसे समझौते की बात कैसे हो सकती है।












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