प्रशांत ने कहा कि बंद करो चमचागिरी वरना ठीक नहीं होगा : अमर सिंह

गौरतलब है कि जब से लोकपाल विधेयक बनाने के लिए ड्राफंटिग कमेटी के लोगों का चयन हुआ है, तब ही से इसमें नये खुलासे सामने आ रहे हैं, पैनल की पहली बैठक से पहले ही एक सीडी मीडिया में लीक हुई जिसमें उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह और पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण के साथ पैसों के लेन-देन की बात की गई है, यहां तक की इस सीडी में ये भी कहा गया है कि शांति भूषण के बेटे जयंत भूषण को नोएडा में एक भूमि आवंटित हुई थी जिसे कि मायावती ने अपनी कृपादृष्टि के तहत जयंत को दिया था, सीडी में कहा जा रहा था कि अमर सिंह की भी आवाज है।
यहां तक की दिल्ली की फांरेसिक जांच में सीडी में जो आवाज है वो अमर सिहं , मुलायम सिहं और शांति भूषण की ही बताई जा रही है, जिसके बाद अमर सिंह ने इस पर बवाल मचाते हुए कहा था कि ये जांच झूठी है, इसकी दोबारा जांच हो, इसलिए इस सीडी की जांच दोबारा हो रही है, शांति भूषण और प्रशांत भूषण का भी ये ही कहना है कि ये सब कुछ उन्हें बदनाम करने की साजिश है, कुछ लोग नहीं चाहते हैं कि लोकपाल विधेयक बनें। ये सब कुछ उसको रोकने के लिए ही हो रहा है। वो अमर सिंह से कभी नहीं मिले हैं।
जबकि अमर सिंह ने बकायदा प्रेस वार्ता करके शांति की बात को झूठा करार दिया, उन्होंने कहा कि साल 2006 में शांति उनके साथ विशेष विमान से मुलायम सिंह से मिलने के लिए लखनऊ आये थे, जिसके लिए उन्होंने काफी मोटी रकम भी ली थी । अमर ने ये भी कहा था कि देश की जनता को समझना चाहिए कि देश से भ्रष्ट्राचार को दूर करने के लिए शांति भूषण जैसे डाकूओं का सहारा नहीं लेना चाहिए।












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