बेलागांव हत्याकांडः पांचों आरोपियों के खिलाफ नहीं मिले साक्ष्‍य

Gwalior in MP
ग्वालियर। मध्यप्रदेश में बहुचर्चित बेलागाँव हत्याकांड के पाँचों प्रमुख आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश ह्यदयेश श्रीवास्तव ने बरी कर दिया है। इस मामले में मध्यप्रदेश शासन में पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा को राहत मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि इसी मामले को लेकर उनके परिजनों और स्वयं उनका नाम जोड़े जाने से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।

ज्ञात हो कि 23 जून 2010 को ग्वालियर के बेलागाँव में रास्ते के विवाद को लेकर हुई फायरिंग में युवक भीकम सिंह कुशवाह की मौत हो गई थी और लगभग आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे। इस विवाद में कंपू थाना पुलिस ने पाँच लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। इस मामले मेंमंगलवार को अंतिम सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था और संभावना के अनुरुप बुधवार को न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाते हुए पाँचों आरोपियों लल्ला दुबे, उमाकांत शर्मा, रामअवतार, अविनाश दीक्षित और नरेंद्र शर्मा केा साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

इस हत्याकांड में मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा के रिश्तेदारों के शामिल होने का भी आरोप लगा था। बेलागाँव के पास ही श्री मिश्रा के परिजनों का कॉलेज है। शुरुआत में कांग्रेस नेताओं के दबाव में अनूप मिश्रा के दो परिजनों सहित पाँच अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। बाद में मामले के मुख्य गवाह के द्वारा धारा 164 के तहत दिए गए बयान के आधार पर अनूप मिश्रा के परिजनों के नाम आरोप पत्र से अलग कर दिए गए थे। उधर बेलागाँव की रास्ते वाली माँग दस महीनों बाद भी अटकी हुई है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+